
Vinay Katiyar Patrika : अपने बयान से मुकरे पूर्व सांसद विनय कटियार, PC- Patrika
अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार के बयान ने शुक्रवार को राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी। पहले उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल जाना पड़ सकता है। हालांकि कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा कि कोई जेल जाएगा।
मीडिया से बातचीत में विनय कटियार ने दावा किया था कि राम मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी हुई है और मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा था कि भविष्य में जांच के आधार पर चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। कटियार ने यह भी कहा कि उन्होंने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की थी।
कटियार के इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। लेकिन बाद में अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने सुर बदल लिए। जब उनसे चंपत राय और अनिल मिश्रा के जेल जाने संबंधी बयान पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने यह नहीं कहा कि वे जेल जाएंगे। मैंने इतना कहा था कि उन्हें स्थिति को समझना चाहिए और यदि कोई गलती हुई है तो उसमें सुधार होना चाहिए।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दावे पर भी कटियार ने नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अपना कार्यक्षेत्र है और वह अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जबकि वह स्वयं अपने काम में लगे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर अधिक टिप्पणी करने से भी परहेज किया।
विनय कटियार ने राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच हो सके। उनके मुताबिक जांच का दायरा इसलिए बढ़ाया गया है ताकि कोई भी दोषी व्यक्ति बच न पाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे विनय कटियार का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चंपत राय और अनिल मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों में गिने जाते हैं। पहले जेल जाने की आशंका जताने और फिर उसी बयान से पीछे हटने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
Updated on:
03 Jul 2026 04:06 pm
Published on:
03 Jul 2026 04:03 pm
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