
अयोध्या राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Donation Scam SIT Investigation:राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस का एक्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मामले की तह तक जाने और अहम सबूत जुटाने के लिए अब विशेष जांच दल (SIT) की टीम शुक्रवार सुबह ही राम जन्मभूमि परिसर पहुंच गई और वित्तीय गड़बड़ियों की परतें खोलने में जुट गई है। एसआईटी और स्थानीय पुलिस अब इस पूरे मामले से जुड़े बड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार सवाल-जवाब कर रही है।
एसआईटी ने राम जन्मभूमि परिसर में ही बैंक कर्मचारियों को तलब किया है और उनसे एक बंद कमरे में मैराथन पूछताछ की जा रही है। जांच टीम बैंककर्मियों से वित्तीय लेनदेन और चंदा कलेक्शन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझ रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
इससे पहले बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंची एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों महासचिव चंपत राय ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा और विशेष सदस्य गोपाल राव से करीब चार घंटे तक बेहद तीखे सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक इस पूछताछ के दौरान जांच टीम को कई महत्वपूर्ण सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में इन बड़े पदाधिकारियों से पूछताछ का दायरा और ज्यादा बढ़ाया जाएगा। एसआईटी ने चंदे के ऑडिट से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
बता दें 6 जून को चंदा चोरी का यह बड़ा मामला उजागर हुआ था जिसके बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी। अब जांच के दूसरे चरण में वित्तीय हेराफेरी का पूरा सच सामने लाने के लिए ट्रस्ट के पिछले 5 साल के ऑडिट का री ऑडिट किया जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट की तरफ से अभी कुछ वित्तीय ब्योरा मिलना बाकी है जिसके आते ही यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि चंदे की रकम में कहां और कितनी बड़ी सेंधमारी की गई।
दूसरी तरफ पुलिस की आपराधिक जांच भी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी अपनी टीम के साथ राम मंदिर पहुंचे और वहां रखे दान पात्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने दान पात्र से चढ़ावा निकालने से लेकर उसकी गिनती होने तक की पूरी प्रक्रिया को समझा। इस दौरान पुलिस ने परिसर के कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। वहीं पुलिस की एक अन्य टीम ने आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव पहुंचकर उसके परिजनों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की और कुछ जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं।
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Published on:
03 Jul 2026 01:10 pm
