
राम मंदिर दान विवाद केस अपडेट। (फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Theft Case Update:राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस और प्रशासन की जांच अब काफी तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण में हर पल नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच अयोध्या के वकील अब इस मामले में आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को औपचारिक शिकायत यानी तहरीर दे दी है।
मामले की गंभीरता और बढ़ते विवाद को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चंपत राय जहां रहते हैं वहां अब चार दारोगा और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर बुलडोजर चलाने को लेकर नोटिस भी जारी कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर भी कई दावे किए हैं। बताया जा रहा है कि दान की धनराशि डॉक्टर अनिल मिश्रा की देखरेख में ही जमा होती थी और पैसों की गिनती सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के कर्मचारी करते थे। राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के साथ डॉक्टर अनिल मिश्रा के भी वित्तीय लेनदेन के चेक पर हस्ताक्षर होते थे। गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह आरोपी इसी निजी संस्था में काम करते थे।
राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को लेकर अयोध्या के वकीलों में भारी नाराजगी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस मामले में असल जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा और विशेष सदस्य गोपाल राव पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायती पत्र दिया है।
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि वकीलों की टीम ने पुलिस को अपनी शिकायत सौंप दी है। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले में जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी इस शिकायत में मुख्य रूप से चार लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव प्रमुख हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक पुलिस ने सिर्फ शिकायत दर्ज की है और आधिकारिक तौर पर FIR पंजीकृत नहीं की गई है।
पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बहुत ही सख्त लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो इसका सीधा मतलब यही निकाला जाएगा कि पुलिस भी इस पूरे खेल में कहीं न कहीं शामिल है। उन्होंने आगे की कानूनी रणनीति साफ करते हुए कहा कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और हमारे पास कोई और रास्ता नहीं बचा तो हम अदालत की शरण लेंगे। कालिका प्रसाद मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर स्थानीय अदालत में भी हमारी सुनवाई नहीं हुई तो हम न्याय के लिए हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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Published on:
02 Jul 2026 08:34 pm
