1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ayodhya News: पानी बेचने वाले से ट्रस्ट कर्मचारी बनने तक…आरोपी अविनाश को कैसे मिली राम मंदिर में नौकरी

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला और उसके भाई अभिषेक को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। योग गुरु सीमा तिवारी और सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि आखिर कैसे पानी बेचने वाला युवक मंदिर ट्रस्ट तक पहुंचा? जानिए क्या है पूरा मामला...
2 min read
Google source verification
Ayodhya News, Ram Mandir Donation Scam, Avinash Shukla, Seema Tiwari, Sundarlal, Ram Mandir Chanda Chori, UP News, Ram Mandir News

राम मंदिर चंदा चोरी में बड़ा खुलासा (फोटो- पत्रिका)

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy:अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले में हर दिन कोई न कोई नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में अब योग गुरु सीमा तिवारी और मंदिर से जुड़े सेवादार सुंदरलाल ने कई हैरान करने वाले दावे किए हैं। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश और उसके भाई अभिषेक की पूरी कहानी बताई है कि आखिर वे कैसे इस पूरे विवाद का हिस्सा बन गए?

TV और CCTV से हुआ मामले का खुलासा

इस पूरे विवाद पर योग गुरु सीमा तिवारी ने बताया कि उन्हें भी इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया और TV न्यूज के जरिए ही मिली। उन्होंने कहा कि 'मैं यहां रोज आती हूं लेकिन, मुझे इस बारे में कोई अंदाजा ही नहीं था।' खबर देखकर पता चला कि हमारे बीच रहने वाला और यहां अक्सर आने वाला अविनाश इस मामले में शामिल है और उसी की वजह से यह जगह बंद कर दी गई।

उन्होंने आगे बताया कि आसपास लगे कैमरों में 5 जून को हुई सभी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गई थीं। शुरुआत में यह फुटेज सामने नहीं आई, लेकिन मीडिया की सक्रियता बढ़ने के बाद लोगों को पता चला कि कैमरों में कई अहम घटनाएं कैद हैं, जिससे मामले की जांच को नई दिशा मिली।

गुरुजी ने की थी अभिषेक की मदद

वहीं सेवादार सुंदरलाल ने आरोपी अविनाश के बैकग्राउंड को लेकर कई बड़े राज खोले हैं। सुंदरलाल ने बताया कि अविनाश का भाई अभिषेक गुरुजी से जुड़ा हुआ था। गुरुजी एक योग केंद्र चलाते थे जहां अभिषेक अपनी पढ़ाई की तैयारी करने आता था। वह शिक्षक बनने के लिए BTC कर रहा था। उस वक्त गुरुजी ने ही उसे यहां रखा उसके खाने-पीने की व्यवस्था की और उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया।

पानी बेचने वाले को मिली ट्रस्ट में नौकरी

सुंदरलाल ने आगे बताया कि साल 2021 में अभिषेक को प्राइमरी टीचर की नौकरी मिल गई। नौकरी लगने के बाद उसने अपने बेरोजगार भाई अविनाश को भी अयोध्या बुला लिया। सुंदरलाल का दावा है कि शुरुआत में अविनाश हनुमान गुफा के पास कुछ समय तक पानी की बोतलें बेचकर अपना गुजारा करता था। लेकिन यह काम ज्यादा दिन नहीं चला। इसके बाद मार्च 2025 में अभिषेक ने अपने भाई अविनाश की नौकरी मंदिर ट्रस्ट में चंदा गिनने वाले काम में लगवा दी। अविनाश ने वहां करीब डेढ़ साल तक काम किया।

5 जून की शाम... जब अचानक पहुंच गई पुलिस

सुंदरलाल ने उस दिन का जिक्र करते हुए बताया कि 5 जून, 2026 की शाम करीब 7:30 बजे पुलिस की टीम अचानक उनके इलाके में पहुंची। उनके अनुसार, पुलिस अपने साथ आरोपी अविनाश को भी लेकर आई थी। उसी रात स्थानीय लोगों को पहली बार एहसास हुआ कि मंदिर चढ़ावे मे हेराफेरी से जुड़ा कोई बड़ा मामला सामने आया है। फिलहाल जांच एजेंसियां बयानों और मामले से जुड़े अन्य सबूतों के आधार पर अपनी जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है।