
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर (फाइल फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर देशभर में सियासी घमासान जारी है। इस मामले पर अब देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने न सिर्फ इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी भी विवादित स्थिति को रोकने के लिए देश में सनातन बोर्ड के गठन की मांग को फिर हवा दी।
राम मंदिर दान विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने शास्त्रों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि हमारे धर्मग्रंथ साफ कहते हैं कि 'जो व्यक्ति धर्म को नष्ट करने की कोशिश करता है, अंततः धर्म ही उसका विनाश करता है।' उन्होंने आगे कहा कि यदि मंदिर में चोरी हुई है और किसी ने यह पाप किया है तो आज उनके साथ जो भी हो रहा है वह उनके अपने कर्मों का ही नतीजा है। धर्म सब देखता है और समय आने पर न्याय भी करता है।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वह न तो किसी सरकारी पद पर हैं और न ही किसी जांच एजेंसी का हिस्सा। उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं हाै। जो घटना हो गई उस पर चर्चा करने के बजाय अब भविष्य में ऐसी चीजों को कैसे रोका जाए इस पर गंभीर विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या व्यवस्था बनाई जाए। यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं पर ऐसे ही सवाल उठते रहेंगे।
कथावाचक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार ऐसा ठोस फैसला लिया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए मंदिरों की व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश की आस्था से जुड़े संस्थानों के लिए मजबूत और जवाबदेह व्यवस्था समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि फैसले के बाद उनका राम मंदिर से कोई सीधा लेना-देना नहीं है, देवकीनंदन ठाकुर ने पूरी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आलोक जी ने वीएचपी और सनातन धर्म के लिए बहुत काम किया है और वे देश के लिए आगे भी काम करते रहेंगे। देश में मंदिरों और सनातन धर्म से जुड़े मामलों के बेहतर संचालन के लिए सनातन बोर्ड का गठन बहुत जरूरी है। कथावाचक ने कहा कि इस विषय पर उनकी संघ और वीएचपी के लोगों से भी चर्चा हुई है और और सभी का यही मानना है कि मंदिरों और सनातन धर्म के लिए एक अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
संबंधित विषय:
Updated on:
01 Jul 2026 11:23 am
Published on:
01 Jul 2026 11:16 am
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
