
अयोध्या राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Donation Dispute:अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण की जांच कर रही पुलिस टीम को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे घोटाले के आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस अयोध्या के 14-कोसी परिक्रमा मार्ग के पास ले गयी। जहां आरोपी ने उस जगह की पहचान की, जहां मंदिर से चुराया गया पैसा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडे और टीनू यादव समेत सभी आठ आरोपियों के बीच बांटा गया था। इसके दौरान पुलिस ने उस जगह पर छिपाई गई कुछ कीमती चीजें भी बरामद की हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। जांच के सिलसिले में पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव भी पहुंची थी। अविनाश शुक्ला के पैतृक गांव में पुलिस ने करीब आधा घंटा तक उसके परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों को केस से जुड़े अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम WhatsApp चैट मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन चैट में कथित तौर पर रकम निकालने, उसे सुरक्षित रखने और बाद में आपस में बांटने को लेकर बातचीत हुई है।
राम मंदिर में गणना के दौरान खुलकर बातचीत करना संभव नहीं होता था। इसलिए आरोपी कथित तौर पर व्हाट्सएप मैसेज के जरिए योजना बनाते थे। पुलिस ने इन चैट को विवेचना में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। ट्रस्ट के इन दोनों पूर्व पदाधिकारियों से पूरे मामले में लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
Updated on:
03 Jul 2026 05:29 pm
Published on:
03 Jul 2026 05:28 pm
