लखनऊ

पंचायत चुनाव पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगी योगी सरकार

UP Panchayat Chunav : यूपी पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार का बड़ा फैसला। ग्राम प्रधानों को प्रशासक न बनाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील करेगी सरकार। जानिए क्या है पूरा मामला।
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Jun 28, 2026
UP Panchayat Chunav
UP Panchayat Chunav : यूपी सरकार का बड़ा फैसला, PC- Chatgpt

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सरकार अपील दायर करेगी, जिसमें कहा गया है कि ग्राम प्रधान असंवैधानिक हो चुके प्रावधानों के तहत प्रशासक की भूमिका नहीं निभा सकते। सरकार अगले सप्ताह एकल पीठ के फैसले को डबल बेंच या फुल बेंच में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून को दिए गए आदेश में कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243(ई) और 243(के) के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार को 13 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराने की रूपरेखा भी पेश करने का निर्देश दिया है।

सरकार का तर्क: कानून में अब भी मौजूद है प्रावधान

शासन के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1947 की धारा 12 की उपधारा (3-ए) अभी भी कानून का हिस्सा है। यह प्रावधान 1994 में लागू किया गया था, जिसके तहत चुनाव समय पर न हो पाने की स्थिति में सरकार वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था, जैसे प्रशासक या प्रशासनिक समिति नियुक्त कर सकती है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने पूर्व के प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में स्पष्ट किया था कि इस प्रावधान का इस्तेमाल चुनावों को अनिश्चितकाल तक टालने या प्रधानों एवं प्रशासकों का कार्यकाल मनमाने तरीके से बढ़ाने के लिए नहीं किया जा सकता।

चुनाव में देरी पर कोर्ट सख्त

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है और प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर इसमें अनावश्यक देरी नहीं की जा सकती।

पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाने पर भी आपत्ति

मामले में एक और विवाद समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाए जाने को लेकर है। आयोग के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह ने कहा कि कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट की धारा-9 के तहत किसी आयोग को मुकदमे में पक्षकार नहीं बनाया जा सकता। सरकार इस हिस्से को भी चुनौती देगी।

ओबीसी आरक्षण तय होने तक चुनाव मुश्किल

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए राज्य सरकार ने 18 मई को उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। आयोग को राज्यभर में पिछड़े वर्ग की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पिछड़ेपन का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपनी है।

आयोग अब तक मेरठ, हापुड़ और बागपत का दौरा कर चुका है। सभी 75 जिलों से आंकड़े जुटाए जा चुके हैं और उनका जमीनी सत्यापन किया जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष के अनुसार अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में लगभग छह महीने लगेंगे और रिपोर्ट नवंबर तक सरकार को सौंपी जा सकेगी।

OBC आरक्षण निर्धारित होने के बाद होंगे चुनाव

यदि आयोग की रिपोर्ट नवंबर तक आती है, तो ओबीसी आरक्षण का अंतिम निर्धारण होने के बाद ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव इस वर्ष के अंत तक टलने की संभावना बढ़ गई है, हालांकि इस पर अंतिम स्थिति हाईकोर्ट में सरकार की अपील और आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

Updated on:
28 Jun 2026 08:36 am
Published on:
28 Jun 2026 08:20 am