पुलिस टीम ने अपने बचाव के लिए तेंदुआ फायर किया था। घायल तेंदुआ को वन विभाग की टीम ने किचन से बाहर निकाला तो उसी दौरान उसकी मौत हो गई।
Lucknow : यूपी की राजधानी में करीब तीन दिन से वन विभाग के साथ पुलिस व सेना को थका रहा तेंदुआ आज जाल तोड़कर एक घर में घुस गया। राजधानी के आशियाना क्षेत्र में छिपे तेंदुए को पकड़ने के लिए ड्रोन से नजर रखने के साथ ही एरिएल कॉम्बिंग शुरू की गई थी। 72 घंटे बीतने के बाद भी तेंदुआ नहीं पकड़ा गया। तब जाकर ड्रोन की मदद से उसकी लोकेशन पता की।
सेना, मेट्रो और एलडीए से भी मांगी गई मदद
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने सेना, मेट्रो और एलडीए से भी मदद मांगी थी। जिसके माध्यम से लखनऊ के आशियाना इलाके में तीन दिन से न पकड़ने वाला तेंदुआ आज मार गिराया गया। जिसके लिए इन तीनों विभागों द्वारा जाल से डबल लेयर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। इसके अलावा 3 पिंजड़े भी अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए थे।
किचन में छुपकर बैठे तेंदुए की हुई मौत
तेंदुए ने आज थानाध्यक्ष आशियाना त्रिलोकी सिंह सहित तीन लोगों पर हमला भी बोला था। पुलिस टीम ने अपने बचाव में उस पर फायर भी किया। इसके बाद थानाध्यक्ष त्रिलोकी सिंह ने उसके ऊपर फायर कर दिया। गोली लगने से घायल तेंदुआ एक घर के अन्दर घुस गया। घर के किचन में छुपकर बैठे तेंदुए का काफी खून बह गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल तेंदुआ को वन विभाग की टीम ने जब वहां से बाहर निकाला तो उसी दौरान उसने दम तोड़ दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसको लखनऊ के प्राणि उद्यान विभाग में लाया गया है।
तेंदुए को पकड़ने की ये थी तैयारी
1. वन विभाग की टीम के साथ तेंदुए को पकड़ने के लिए आर्मी की मदद मांगी गई।
2. सेना की एक टुकड़ी तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची।
3. हाईटेक इक्यूपमेंट के साथ आर्मी के जवान तेंदुए को पकड़ने के लिए लगे।
4. चार पिंजड़े, 2 ट्रैंरेंकुलाइज गन की मदद से तेंदुए को पकड़ने की कोशिशों में विभाग के कर्मचारी जुटे।
5. वहीं लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मैदान के किनारे बैरीकेडिंग लगा दी गई थी ताकि कोई आसपास न आ सके।
वन विभाग के अफसरों का कहना है कि जब तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की जाएगी तो वह भागेगा, इसलिए जनता को दूर रखा गया था।
तेंदुए ने एक महिला सहित 4 लोगों को किया घायल
बता दें, 72 घंटे पहले से आशियाना के औरंगाबाद खालसा कॉलोनी में गुरुवार सुबह तेंदुआ घुस आया था। तेंदुए ने एक महिला सहित 4 लोगों पर हमला भी किया था। जख्मी होने वालों में जू का भी एक कर्मचारी था। वन विभाग और जू की टीम ने दल-बल के साथ इलाके में डेरा डाल दिया था। हालांकि, देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान के बावजूद हिंसक वन्य जीव पकड़ में नहीं आया। यहां दर्जनों की संख्या में पड़े सीवेज पाइप के चलते जू की रैपिड रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
ग्रामीणों में काफी भरा आक्रोश
राजधानी में आशियाना के औरंगाबाद में दहशत फैलाने वाले तेंदुए ने गोली लगने के कारण दम तोड़ दिया। दरअसल, आज सुबह वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह जाल को पार करते हुए गांव में घुस गया। वहीं इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश भर गया और उन्होंने वहां पर मौजूद वनकर्मियों, पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर पथराव भी कर दिया। इसमें दो मीडिया कर्मी बुरी तरह से घायल हो गए। मामला बढ़ता देख पीएससी के जवानों को गांव में तैनात कर दिया गया है।