उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत लाखों पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ ने हेड कॉन्सटेबल से उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस/प्लाटून कमांडर पीएसी के पदों पर प्रोन्नति को लेकर आदेश जारी किया है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार यूपी पुलिस में कार्यरत लाखों पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत देने जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीबीपीबी), लखनऊ ने हेड कॉन्सटेबल से उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस/सब इंस्पेक्टर प्लाटून कमांडर पीएसी के पदों पर प्रोन्नति को लेकर आदेश जारी किया है। बोर्ड की तरफ से एसआई के कुल 1608 पदों पर हेड कॉन्सटेबल से प्रमोशन के लिए आवेदन मांगे हैं। यूपीपीबीपीबी ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर नोटिस जारी कर दिया है। इसके लिए नियमावली में एक बार परिवर्तन किए जाने की कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी। यह मंजूरी केवल एक बार पदोन्नति के लिए होगी।
15 दिन बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के नोटिस के अनुसार, मुख्य आरक्षी पीएसी से उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस पीएसी के 1608 पदों पर सीनियॉरिटी के आधार पर प्रोन्नति की जाएगी। इसके लिए पात्र कर्मचारियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा को मानक के तौर पर निर्धारित किया गया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अभ्यर्थियों का उपनिरीक्षक पदों पर प्रोन्नति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 दिन बाद ली जाएगी। इसकी पूरी जानकारी भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पीएसी से डयूटी के लिए नागरिक पुलिस में भेजे गए 896 कर्मियों को पदावनत किए जाने के आदेश को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए थे। सशस्त्र पुलिस के कर्मियों को लंबे समय से पदोन्नति न मिलने का मुद्दा भी उठा था। मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले में एडीजी स्थापना के 896 कर्मियों को पदावनत किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया था। कहा था कि जो पीएसी कर्मी 29 नवंबर, 2004 के बाद सशस्त्र पुलिस या नागरिक पुलिस में चले गए थे, अगर वह निर्धारित मानक पूरे करते हैं तो उन्हें भी नागरिक पुलिस में शामिल कर लिया जाए और पदोन्नति के समान अवसर प्रदान किए जाएं। इसके बाद ही सशस्त्र पुलिस में निरीक्षक व उपनिरीक्षक के 3044 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई थी।