लखनऊ

UP पुलिस में शीतकालीन वर्दी लागू, 1 नवंबर से अनिवार्य

Police Uniform Rule: उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने के साथ पुलिस विभाग ने शीतकालीन वर्दी लागू कर दी है। डीजीपी कार्यालय से जारी आदेश के तहत 27 अक्टूबर से रात की ड्यूटी में और 1 नवंबर से दिन-रात दोनों समय गर्म वर्दी धारण करना अनिवार्य होगा। सभी जिलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
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Oct 26, 2025
डीजीपी का आदेश- उत्तर प्रदेश पुलिस में लागू हुई शीतकालीन वर्दी (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)
डीजीपी का आदेश- उत्तर प्रदेश पुलिस में लागू हुई शीतकालीन वर्दी (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)

UP Police Winter Uniform: उत्तर प्रदेश में मौसम बदलते ही पुलिस विभाग में भी वर्दी परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है। डीजीपी कार्यालय से जारी निर्देश के बाद प्रदेश भर में पुलिसकर्मियों को अब शीतकालीन वर्दी पहननी होगी। शीतकालीन वर्दी लागू होने का यह आदेश राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज डीआईजी, एसएसपी, एसपी और थाना स्तर तक प्रसारित कर दिया गया है। इस संबंध में डीजीपी के जनरल स्टाफ ऑफिसर (जीएसओ) शलभ माथुर द्वारा औपचारिक आदेश जारी किया गया है।

27 अक्टूबर से रात में, 1 नवंबर से दिन-रात दोनों समय लागू

निर्देश के अनुसार,तारीख वर्दी लागू रहने का समय ,27 अक्टूबर 2024 से केवल रात्रि ड्यूटी,1 नवंबर 2024 से दिन और रात, दोनों समय अर्थात, अब नाइट शिफ्ट में तैनात पुलिसकर्मी 27 अक्टूबर से ही स्वेटर, ब्लेज़र, ऊनी टोपी, दस्ताने आदि पहन सकेंगे, जबकि 1 नवंबर से पूरी ड्यूटी में शीतकालीन वर्दी अनिवार्य होगी।

मौसम में गिरावट के कारण लिया गया निर्णय

  • बीते दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में:
  • .रात के तापमान में तेज गिरावट. सुबह-शाम सर्द हवाओं का प्रभाव.कई शहरों में ठंडी हवा के कारण राहत बल प्रभावित

इन बदलावों को देखते हुए पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, सुविधा और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।डीजीपी कार्यालय का कहना है कि पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी में रहते हैं। उनकी सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हर वर्ष मौसम के अनुसार जारी होता है आदेश

पुलिस विभाग में वर्दी केवल कार्य स्थल की पहचान भर नहीं है, बल्कि

  • .अनुशासन
  • .एकरूपता
  • .परंपरा
  • . गरिमा का भी प्रतीक है।

ग्रीष्मकालीन वर्दी सामान्यतः अप्रैल से अक्टूबर तक लागू रहती है, जबकि शीतकालीन वर्दी नवंबर से मार्च के बीच धारण की जाती है। डीजीपी कार्यालय मौसम विज्ञान स्थिति के मूल्यांकन के बाद प्रत्येक वर्ष तिथि तय करता है।

सभी यूनिटों को निर्देश- "अनुशासन सुनिश्चित करें"

आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि निर्धारित तिथि के अनुसार ही वर्दी पहनी जाए ,वर्दी हमेशा स्वच्छ व सुव्यवस्थित हो, किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी

  • प्रदेश के सभी
  • पुलिस कमिश्नरेट
  • रेंज मुख्यालय
  • जिला पुलिस कार्यालय
  • थानों
  • को दिशा निर्देश भेजे जा चुके हैं।
  • सर्दी में पुलिस बल के लिए सुरक्षा भी आवश्यक

सर्दी के मौसम में रात की ड्यूटी पुलिसकर्मियों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होती है। कई बार:

  • • ठंड और धुंध• अपराध नियंत्रण में बाधा• स्वास्थ्य जोखिम (जुकाम, संक्रमण, निमोनिया)• लगातार खड़े होकर ड्यूटी में कठिनाई
  • जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है।
  • शीतकालीन वर्दी के माध्यम से इन चुनौतियों को कम करने का प्रयास है।

पुलिसकर्मियों ने जताई राहत की उम्मीद

कई पुलिसकर्मियों ने आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि सर्दी बढ़ते ही वर्दी बदलने का निर्णय बेहद उपयोगी होता है। एक आरक्षी ने बताया कि रात की ड्यूटी में सबसे ज्यादा ठंड लगती है, खासकर हाईवे और खुले क्षेत्रों में। गर्म वर्दी मिलने से काम में अधिक फुर्ती और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों बनी रहती हैं।

अनुशासन और परंपरा को बनाए रखने की कवायद

उत्तर प्रदेश पुलिस देश की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स में से एक है। ऐसे में इसकी वर्दी में एकरूपता बनाए रखना विभागीय अनुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

  • अधिकारियों का अवधारणा स्पष्ट है कि 
  • वर्दी = पहचान + अनुशासन + जिम्मेदारीवर्दी का पालन = ड्यूटी के प्रति समर्पण
  • इसलिए वर्दी नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था

राजधानी सहित:

  • • नोएडा
  • • गाजियाबाद
  • • कानपुर
  • • वाराणसी
  • • प्रयागराज
  • • आगरा
  • • गोरखपुर
  • • लखीमपुर
  • आदि सभी जिलों में यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।