उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करणी सेना प्रमुख राज सिंह शेखावत ने मायावती के समर्थन का ऐलान कर दिया है।
UP Politics Karni Sena supports Mayawati: करणी सेना के प्रमुख राज सिंह शेखावत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को लेकर सरकार की आलोचना की है। शेखावत का कहना है कि सामान्य वर्ग और क्षत्रिय समाज ने भाजपा को बड़ा बनाया, लेकिन अब सरकार उनके बच्चों के भविष्य से खेल रही है। यह खबर 18 फरवरी 2026 की है, जब करणी सेना ने विरोध का ऐलान किया।
शेखावत ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के युवाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने इसे क्षत्रिय समाज के खिलाफ साजिश बताया। करणी सेना ने साफ कर दिया है कि जब तक ये नियम वापस नहीं लिए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। शेखावत ने भाजपा को चेतावनी दी कि जिस समाज ने उन्हें सत्ता दी, अब वही समाज उनका विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, और हम चुप नहीं बैठेंगे। यह विरोध उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ज्यादा जोर पकड़ रहा है, जहां क्षत्रिय वोटरों की अच्छी संख्या है।
शेखावत ने आगे कहा कि करणी सेना अब बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती के साथ खड़ी हो गई है। मायावती ने सवर्णों के पक्ष में आवाज उठाई और यूजीसी के नियमों को तनाव बढ़ाने वाला बताया। इस पर शेखावत ने मायावती की तारीफ की और उनकी तुलना एक निष्पक्ष राजा से की। उन्होंने कहा कि मायावती ने बिना पक्षपात के बात रखी, इसलिए अब हमारा पूरा समर्थन उनके साथ है। यह बदलाव राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि करणी सेना भाजपा के करीब मानी जाती है। शेखावत ने यह भी कहा कि जो नेता हमारे साथ नहीं, हम उन्हें सत्ता से हटा देंगे।
शेखावत ने भाजपा के सांसदों और मंत्रियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के पास इतनी ताकत है कि वे विरोधियों को उखाड़ फेंक सकते हैं। यह बयान राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है। शेखावत ने क्षत्रिय समाज को एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी ताकत दिखाएं।
करणी सेना भले ही मायावती को समर्थन दे रही हो, लेकिन क्या धरातल पर ठाकुर वोटर भाजपा का साथ छोड़ेंगे? यह बड़ा सवाल है। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजपूतों की नाराजगी चर्चा में थी। यूपी में भाजपा की हार का एक मुख्य कारण इसे माना गया। कई सीटों पर ठाकुर वोटरों ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया। अब 2026 में स्थिति और बदल सकती है। अगर UGC नियम नहीं बदले, तो क्षत्रिय समाज का गुस्सा बढ़ सकता है।
बता दें कि अगर आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव 2026 में अगर राजपूत समाज ने मायावती का साथ दे दिया, तो यूपी राजनिती में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूपी में राजपूतों का बड़ा रोल देखने को मिलता है। राजपूत समाज भाजपा का कोर वोटर माना जाता है और अगर ऐसा कुछ हुआ, तो भाजपा को बड़ा नुकसान हो सकता है।