
भागवत के सुर में सुर मिलाते दिखे राजभर Source- X
UP Politics: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी मुस्लिम भी हिंदू हैं। उनका मतलब था कि वे इस देश की मिट्टी से जुड़े हैं और अरब देशों से नहीं आए हैं। भागवत ने जोर दिया कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। यानी जो लोग हिंदू धर्म में वापस लौटना चाहें, उनका स्वागत करना चाहिए और उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। आगे उन्होंने बढ़ती घुसपैठ पर भी चिंता जताई। भागवत ने कहा कि घुसपैठियों को ढूंढना, हटाना और बाहर भेजना जरूरी है। उन्हें देश में रोजगार नहीं देना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे लोग देश की सुरक्षा और संसाधनों के लिए खतरा बन सकते हैं।
भागवत के बयान पर यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह सही कह रहे हैं। राजभर ने आगे बताया कि जब इस्लाम भारत में आया था, तब की व्यवस्था के आधार पर लोगों ने उसे स्वीकार कर लिया था। जो लोग वापस हिंदू धर्म में लौटना चाहते हैं, उस पर भी भागवत का बयान सही है। मंत्री ने संघ प्रमुख के विचारों का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह बातें सोचने लायक हैं।
आरएसएस प्रमुख ने घर वापसी को लेकर जो बात कही, वह लंबे समय से संघ की विचारधारा का हिस्सा रही है। उनका मानना है कि जो लोग मजबूरी, लालच या अन्य वजहों से धर्म बदलते हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिश होनी चाहिए। साथ ही, उनकी सुरक्षा और सम्मान का भी ख्याल रखा जाए। दूसरी ओर, घुसपैठ पर उनका सख्त रुख है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध घुसपैठियों को देश में बसने नहीं देना चाहिए। उन्हें नौकरी या सुविधाएं देकर प्रोत्साहन नहीं देना है।
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ RSS और उसके समर्थक इसे सही दिशा में कदम मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे विवादास्पद बता रहे हैं। मंत्री ओम प्रकाश राजभर का समर्थन दिखाता है कि सत्ताधारी दल के कुछ नेता भी इस विचार से सहमत हैं। ऐसे बयान समाज में धर्म और राष्ट्रीयता को लेकर एक नया बहस छेड़ देते हैं।
Published on:
18 Feb 2026 10:47 am
