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मौजूदा जिलाध्यक्षों में से करीब 75 प्रतिशत को बदल सकती है कांग्रेस! चुनाव चुनौती से पहले संगठन संकट में

UP Politics: मौजूदा जिलाध्यक्षों में से करीब 75 प्रतिशत को कांग्रेस बदल सकती है। जिलाध्यक्षों के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का मंत्र दिया।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Feb 18, 2026

congress may replace about 75 percent of current district presidents up politics lucknow

मौजूदा जिलाध्यक्षों में से करीब 75 प्रतिशत को बदल सकती है कांग्रेस! फोटो सोर्स-FB (मल्लिकार्जुन खड़गे)

UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले यूपी में जिस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं, उसे देखते हुए हर पार्टी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। सत्ताधारी BJP सहित मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) चुनावी मोड में हैं, लेकिन फिलहाल कांग्रेस का संगठन 'बेपटरी' नजर आ रहा है।

UP News In Hindi: विवादों में घिरती जिलाध्यक्षों की नई टीम

दरअसल, प्रदेश में कांग्रेस का प्रभाव जिस संगठनात्मक कमजोरी के चलते लगातार सिमटता गया, वही संगठन अब एक बार फिर संशय और संकट के दौर से गुजर रहा है। लंबी मशक्कत के बाद संगठन सृजन अभियान के तहत जिन जिलाध्यक्षों की नई टीम गठित की गई, वह अब विवादों में घिरती नजर आ रही है।

Uttar Pradesh News in Hindi: पर्यवेक्षकों को जिलों का आवंटन अभी तक नहीं

वर्तमान जिलाध्यक्षों पर हाईकमान के भरोसे की कमी के कारण नई नियुक्तियों से संगठन के भीतर अंतरकलह की आशंका बढ़ गई है। हालात यह हैं कि जिन केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, उन्हें अब तक जिलों का आवंटन भी नहीं हो सका है। लोकसभा चुनाव 2014, विधानसभा चुनाव 2017, लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों ने कांग्रेस संगठन और उसके जनाधार की कमजोरियों को पूरी तरह उजागर कर दिया। खुद पार्टी के रणनीतिकारों ने भी स्वीकार किया कि जब तक संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक पार्टी की स्थिति में सुधार संभव नहीं है।

UP Politics News in Hindi: नए सिरे से संगठनात्मक कवायद शुरू

हालांकि, इन चुनावी झटकों के बाद भी संगठन को सशक्त करने की दिशा में कोई ठोस और प्रभावी काम होता नजर नहीं आया, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के सहयोग से कांग्रेस ने जिस तरह एक सीट से बढ़कर 6 लोकसभा सीटों तक का सफर तय किया, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं के हौसले को नया संबल दिया। इसी बदले हुए माहौल को आगामी 2027 के चुनाव में भुनाने के इरादे से संगठन सृजन के केंद्रीय अभियान के तहत यूपी में भी नए सिरे से संगठनात्मक कवायद शुरू की गई। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि जिलों से लेकर बूथ अध्यक्ष तक की नियुक्तियां एक-एक कार्यकर्ता को परखने के बाद की गई हैं, ताकि संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।

Vidhan Sabha Chunav 2027: संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का दिया मंत्र

जिलाध्यक्षों के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का मंत्र दिया। हालांकि, इस बैठक के बाद भी नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग जगहों से शिकायतें और विवाद सामने आने लगे। स्थिति ऐसी बनी कि अंततः राष्ट्रीय नेतृत्व का भी मौजूदा जिलाध्यक्षों को लेकर भरोसा डगमगा गया। इसके बाद 24 जनवरी को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) की ओर से एक पत्र जारी किया गया, जिसमें 6 राज्यों में संगठन सृजन अभियान के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा की गई। इन राज्यों में यूपी को भी शामिल किया गया, जबकि यहां संगठन सृजन अभियान पहले ही पूरा हो चुका था।

जिलाध्यक्षों में से करीब 75 प्रतिशत को बदले जाने की प्रबल संभावना

राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि घोषित 75 केंद्रीय पर्यवेक्षकों में से प्रत्येक को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे यह संकेत साफ हो गया कि जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां अब नए सिरे से की जाएंगी। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की माने तो मौजूदा जिलाध्यक्षों में से करीब 75 प्रतिशत को बदले जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।