UP Congress 100 Days Plan: प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन पर कांग्रेस यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत देगी। पार्टी अपनी 100 दिवसीय कार्ययोजना और राजनीतिक रोडमैप पेश करेगी।
UP Politics: कांग्रेस पार्टी 12 जनवरी को प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन को उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने के अवसर के रूप में मनाने जा रही है। इस मौके पर पार्टी प्रदेश भर में अपनी आगामी 100 दिनों की रणनीति का औपचारिक ऐलान करेगी। कांग्रेस का मानना है कि यह पहल पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेगी और संगठन को स्पष्ट दिशा देगी।
प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इन पत्रकार वार्ताओं के जरिये कांग्रेस जनता के सामने अपना राजनीतिक रोडमैप रखेगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पाण्डे ने इस संबंध में सभी जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस अपनी 100 दिवसीय कार्ययोजना, राजनीतिक प्राथमिकताओं और संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देगी। इसमें यह बताया जाएगा कि पार्टी आने वाले 100 दिनों में किन मुद्दों पर फोकस करेगी और किस तरह जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही, हर मंडल में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले नेताओं की सूची भी जारी कर दी गई है।
प्रदेश के जिन मंडल मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी, उनमें अयोध्या, झांसी, बरेली, चित्रकूट, गोरखपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, बस्ती, कानपुर, मिर्जापुर, गोंडा, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद और मथुरा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस व्यापक संदेश देना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले नेताओं से संपर्क करें और प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। पार्टी इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को फिर से खड़ा करने की प्रक्रिया मान रही है।
कांग्रेस का यह 100 दिन का प्लान सीधे तौर पर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। इससे पार्टी अपनी दावेदारी को मज़बूती से पेश करना चाहती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या 2027 में उत्तर प्रदेश की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा, या फिर कांग्रेस महागठबंधन के साथ मिलकर चुनावी रण में उतरेगी। आने वाले 100 दिन इस दिशा में कई संकेत दे सकते हैं।