
UP Politics: उत्तर प्रदेशकी कानून-व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर कांग्रेस सांसदइमरान मसूदने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और सरकार के कार्यकाल में दलितों, अल्पसंख्यकों और खासकर मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर अन्याय हो रहा है। मसूद ने अपने बयान में NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए दलितों के खिलाफ अत्याचार का मुद्दा उठाया।
इमरान मसूद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, NCRB के आंकड़े भी इस स्थिति की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम बच्चों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर देखने की बात कही थी। इसके आधार पर उन्होंने मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज प्रदेश में मदरसों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिम बच्चों के लिए कंप्यूटर और आधुनिक शिक्षा की बात की गई थी, लेकिन मौजूदा समय में मदरसों से जुड़े मामलों में कार्रवाई देखने को मिल रही है। यह आरोप उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए लगाया।
कांग्रेस सांसद ने उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार स्कूल बंद हो रहे हैं और कई जगह शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब है। मसूद ने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने लाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने की कार्रवाई होती है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति और जमीनी समस्याओं को सामने रखने से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया।
इमरान मसूद ने मस्जिदों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत होने के नाते प्रेम, सम्मान और करुणा के साथ शासन करेंगे। हालांकि, उनके आरोप के मुताबिक, प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मस्जिदों को गिराया गया, जबकि संबंधित लोगों के पास उनके कागजात मौजूद थे। मसूद ने इस मुद्दे को लेकर भी सरकार से सवाल किए और कार्रवाई की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।