
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी क्रम मेंडिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्यके उस बयान पर समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तरने पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2027 के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव सैफई में नजर आएंगे। मौर्य के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कमाल अख्तर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
सपा विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हेल्थकेयर सुविधाओं की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा हालात का उदाहरण यह है कि भारतीय जनता पार्टी आम जनता की बात तो दूर, अपने मंत्रियों का भी इलाज नहीं करा पा रही है।
कमाल अख्तर ने अपने बयान में डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान देने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार होगा। हालांकि, कमाल अख्तर की यह टिप्पणी केशव प्रसाद मौर्य के उस राजनीतिक बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं के सैफई तक सीमित रह जाने की बात कही थी।
दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि 2027 में जनता उन्हें जवाब देगी और इसके बाद सपा के लोग सैफई में ही दिखाई देंगे। उनके इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। कमाल अख्तर ने अपने जवाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जब स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हों, ऐसे में विपक्ष को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने के बजाय सरकार को अपनी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य और कमाल अख्तर के बयानों के बीच 2027 का विधानसभा चुनाव केंद्र में है। एक ओर भाजपा नेता सपा के भविष्य को लेकर दावा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सपा विधायक सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बयानों से प्रदेश की सियासत में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान साफ दिखाई दे रही है।