
UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी की 'पीडीए रथयात्रा' को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से शुरू हुई सपा की इस राजनीतिक कवायद पर भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील भराला ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादवपर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से उत्साहित नजर आ रहे हैं, जबकि उन्हें पहले जनता के बीच जाकर जमीनी स्थिति को समझना चाहिए।
सुनील भराला ने कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के चुनावों को इस तरह देख रहे हैं, जैसे नतीजे पहले से ही उनके पक्ष में हों। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं और इसी उत्साह में जश्न मनाते नजर आ रहे हैं।
भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अभी जनता के बीच जाकर जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाना बाकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने की वजह से ऐसा लगता है कि अखिलेश यादव अभी भी अपने मन में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हुए हैं।
सुनील भराला ने कहा कि अखिलेश यादव को चुनावी माहौल को समझने के लिए जनता के बीच अधिक सक्रियता से जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केवल राजनीतिक कार्यक्रमों और यात्राओं के आधार पर चुनावी स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। भाजपा नेता ने पार्टी के बूथ-स्तरीय संगठन को भी अपनी रणनीति की ताकत बताया। उनका कहना है कि अखिलेश यादव के लिए भाजपा के बूथ-लेवल मैनेजमेंट को चुनौती देना आसान नहीं होगा।
सुनील भराला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनता के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं और युवाओं तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के विकास कार्यों का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है और यही चुनावी राजनीति में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण आधार है।
भाजपा नेता ने अखिलेश यादव के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान सरकारी भर्तियों में घोटाले हुए और प्रदेश में जातिवाद को लेकर भी सवाल उठे थे। सुनील भराला ने इसी संदर्भ में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें 2047 तक शांत बैठना चाहिए। यह बयान उन्होंने आगामी चुनावी राजनीति के संदर्भ में तंज के तौर पर दिया।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर सुनील भराला ने दोनों दलों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उत्तर प्रदेश में मिले राजनीतिक परिणामों से दोनों दलों का आत्मविश्वास बढ़ा है। हालांकि, भाजपा नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव का राजनीतिक समीकरण अलग होता है।
सुनील भराला ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की मौजूदगी सबसे मजबूत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को चुनौती देगी। भाजपा नेता ने आगे दावा किया कि पार्टी 2017 में विधानसभा चुनाव में हासिल किए गए 325 सीटों के आंकड़े को भी पार करेगी। यह उनका चुनावी दावा है; इसके वास्तविक परिणाम चुनाव के बाद ही स्पष्ट होंगे।