
Brij Bhushan Sharan Singh Statement: पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी “दो नावों की सवारी” कर रहे हैं, जो किसी भी नेता के लिए घातक साबित होती है। बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत तिवारीपुर गांव में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह बातें कहीं।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव के समय खुद को हिंदू साबित करने का प्रयास करते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही हिंदुओं और हिंदू परंपराओं के खिलाफ बयानबाजी करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का दोहरा चरित्र देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। “जो नेता अवसर के अनुसार अपना स्वरूप बदलता है, वह देश का नेतृत्व करने योग्य नहीं होता,” ऐसा कहना था भाजपा नेता का।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देश की राजनीति में स्पष्ट विचारधारा और मजबूत स्टैंड की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी खुद को हिंदू बताते हैं और कभी हिंदू समाज पर ही सवाल खड़े करते हैं। “दो नाव पर पैर रखकर चलने वाला नेता अंततः डूब जाता है। इस देश में प्रधानमंत्री वही बन सकता है जो स्पष्ट विचार, नीयत और नीति के साथ खड़ा हो,” उन्होंने कहा।
बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के एक पुराने बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने जो कहा, वह सत्य था, हालांकि भाषा थोड़ी संयमित होनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भावनाओं में कही गई बातों में शब्दों की मर्यादा कभी-कभी टूट जाती है, लेकिन मूल भावना को समझना चाहिए।
माघ मेले के दौरान शंकराचार्य पर कथित रूप से लगाई गई पाबंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं उस समय वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए इस विषय पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। उनके इस जवाब को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं भी देखने को मिलीं।
अयोध्या और काशी के बाद मथुरा के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विश्व हिंदू परिषद और संबंधित संगठन ही बेहतर तरीके से स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने इशारों में कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और इसे जिम्मेदार संगठनों द्वारा ही उठाया जाना चाहिए।
मिलावटखोरी के बढ़ते मामलों पर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने व्यवस्था और प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अपना काम कर रहे हैं और सरकार अपना काम कर रही है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने एक जगह नकली पनीर बनाए जाने की सूचना दी थी। “सूचना देने के बाद अधिकारी पहुंचे, लेकिन दो लाख रुपये लेकर चले गए और पनीर बनता रहा,” उन्होंने तंज कसते हुए कहा। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर लोग मिलावटी सामान खरीदना बंद कर दें तो ऐसे कारोबार खुद-ब-खुद बंद हो जाएंगे। “बिकेगा नहीं तो बनेगा नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं को भी जिम्मेदार ठहराया।
राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वे 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि वे सुल्तानपुर लोकसभा सीट से ही चुनाव मैदान में उतरें। इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका समर्थन किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अगर मैं सुल्तानपुर से चुनाव लड़ूं तो मुझे कुछ वोट मिलेंगे या नहीं मिलेंगे, यह जनता तय करेगी। मेरे लिए पूरा उत्तर प्रदेश खुला हुआ है।” उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तिवारीपुर में आयोजित इस निजी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह का जोरदार स्वागत किया गया। उनके भाषण के दौरान कई बार तालियों और नारों से माहौल गूंज उठा। समर्थकों में उनके आगामी राजनीतिक कदमों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।