
Yogi Adityanath order: प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में प्रभावित हुई बिजली और सड़क व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों, तारों और विद्युत उपकरणों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि बारिश के कारण लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े और मरम्मत एवं बहाली के कार्यों में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
बारिश के बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विद्युत व्यवस्था और सड़कों पर पड़े असर को देखते हुए प्रशासन को स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली और सड़क जैसी आवश्यक जन सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल कराने पर जोर दिया है। उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था के तहत राज्य और जिला स्तर की एजेंसियां राहत एवं बहाली के कार्यों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय करती हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और बारिश से हुए नुकसान का तत्काल आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जहां बिजली के खंभे टूटे या क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। इसी तरह टूटे या क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करने के साथ विद्युत आपूर्ति से जुड़े अन्य उपकरणों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। बारिश के दौरान बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचने से कई इलाकों में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर विद्युत विभाग की टीमों को सक्रिय रखने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और उसके आधार पर बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर टीमों की सक्रियता बनाए रखने और आम लोगों से मिलने वाली बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने पर जोर दिया है। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार मरम्मत दलों को सक्रिय रखने और फील्ड स्तर पर अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बाद बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के दौरान सुरक्षा को भी प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है। टूटे हुए तारों, क्षतिग्रस्त पोल और जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए मरम्मत दलों को स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की भी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। जलभराव और लगातार बारिश के कारण जिन सड़कों पर गड्ढे या अन्य तरह की क्षति हुई है, उन्हें चिह्नित कर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने को कहा गया है। इसका उद्देश्य लोगों के आवागमन को सुचारु बनाए रखना और क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण पैदा होने वाली परेशानी को कम करना है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने और मरम्मत कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर उन मार्गों पर ध्यान देने को कहा गया है जिनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन के लिए करते हैं।
भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में सड़क और बिजली व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी होने के कारण दोनों विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली के कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले इलाकों में बिजली के क्षतिग्रस्त पोल या खुले तार सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए विद्युत आपूर्ति बहाल करने से पहले क्षतिग्रस्त ढांचे की जांच और जरूरी मरम्मत पर जोर दिया गया है। वहीं सड़क मार्गों पर पानी कम होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थिति का आकलन कर मरम्मत कराने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिजली और सड़क जैसी जरूरी जनसुविधाओं को सामान्य करने के लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय कायम रखा जाए। स्थानीय प्रशासन, विद्युत विभाग और सड़क से जुड़े विभागों के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के अनुसार प्राथमिकताएं तय कर कार्रवाई करें। प्रशासनिक स्तर पर यह भी सुनिश्चित करने पर जोर है कि किसी क्षेत्र में समस्या सामने आने के बाद संबंधित टीमों को मौके पर भेजने में अनावश्यक समय न लगे। प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकताएं तय की जाएं। जहां बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, वहां बहाली के काम को प्राथमिकता दी जाए। इसी तरह जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन प्रभावित है, वहां मरम्मत कार्य जल्द कराया जाए। बारिश के बाद बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए फील्ड स्तर पर अधिकारियों की सक्रियता महत्वपूर्ण होगी। विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करते हुए मरम्मत कार्य आगे बढ़ाना होगा। इससे प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन को जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का मुख्य जोर बारिश से प्रभावित लोगों को जल्द राहत देने और आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने पर है। बिजली आपूर्ति की बहाली और सड़कों की मरम्मत के साथ स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का भी त्वरित निस्तारण करने को कहा गया है। प्रदेश में हाल के दिनों में बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री ने हाल में कुशीनगर में नारायणी नदी के तटबंध टूटने से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लिया था।