
ODOP Products On Amazon: उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को कारोबार के नए अवसर देने के लिए यूपी लघु उद्योग निगम ने नई पहल की है। निगम अब ‘शिल्पित’ ब्रांड के नाम से एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और एक जिला एक व्यंजन (ODOC) के उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री की योजना पर काम करेगा। इसके तहत स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और उत्पाद निर्माताओं को अपने सामान की बिक्री के लिए नए मंच उपलब्ध कराने की तैयारी है। योजना को निगम के निदेशक मंडल की 269वीं बैठक में सैद्धांतिक सहमति दी गई।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय उद्यमों को संगठित बाजार से जोड़ना है। इसके माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ छोटे कारोबारियों को विपणन, वितरण और भुगतान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। निगम की यह पहल उसके लिए आय का नया स्रोत विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
योजना के शुरुआती चरण में ‘शिल्पित’ ब्रांड के नाम से दो रिटेल स्टोर शुरू करने की तैयारी है। इन स्टोर के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैयार होने वाले ODOP और ODOC उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। स्थानीय उत्पादों को एक साझा ब्रांड के अंतर्गत बाजार में पेश करने से उनकी पहचान मजबूत करने और ग्राहकों तक उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत उत्पादों की बिक्री और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य में नए स्टोर खोलने का निर्णय लिया जाएगा। निगम की योजना आगे चलकर ‘शिल्पित’ ब्रांड के स्टोर को फ्रेंचाइजी मॉडल पर भी संचालित करने की है। इससे कारोबार के विस्तार के साथ वितरण नेटवर्क को मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उत्पादों के संग्रह, भंडारण और समय पर आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लखनऊ और कानपुर में वेयर हाउस खोलने की योजना बनाई गई है। इन वेयरहाउस के माध्यम से उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से रखने और मांग के अनुसार विभिन्न बिक्री केंद्रों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए मजबूत आपूर्ति व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। वेयरहाउस और रिटेल स्टोर के बीच बेहतर तालमेल से उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने तथा ग्राहकों की मांग के अनुसार आपूर्ति करने में मदद मिल सकती है। निगम की योजना बिक्री के प्रदर्शन और बाजार की जरूरतों के आधार पर आगे वेयरहाउस की संख्या बढ़ाने की भी है।
‘शिल्पित’ ब्रांड की योजना को केवल रिटेल स्टोर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके तहत Amazon, Flipkart, Blinkit और Zepto जैसे ई-कॉमर्स एवं क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार में जगह मिलने और प्रदेश के बाहर के ग्राहकों तक पहुंचने के अवसर बढ़ सकते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री से छोटे उद्यमियों को व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचने में मदद मिलने की संभावना है। पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य उत्पादों और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ने से उनके प्रचार-प्रसार को भी गति मिल सकती है। हालांकि, अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री योजना के क्रियान्वयन के अनुसार आगे बढ़ेगी।
इस योजना की प्रमुख विशेषताओं में उद्यमियों के भुगतान और स्टॉक प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था शामिल है। निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, संबंधित उद्यमियों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा, जो उत्पाद नहीं बिकेंगे, उन्हें वापस लेने का भी प्रावधान रखा जाएगा।
इन व्यवस्थाओं से छोटे कारोबारियों को बिक्री के बाद भुगतान के लिए लंबा इंतजार करने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, न बिकने वाले स्टॉक को वापस लेने की सुविधा से उद्यमियों के लिए कारोबार का जोखिम कम हो सकता है। इससे वे अपने उत्पादों को नए बाजार में लाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। योजना की सफलता के लिए भुगतान और वापसी संबंधी नियमों का स्पष्ट तथा समयबद्ध क्रियान्वयन महत्वपूर्ण रहेगा।
यूपी लघु उद्योग निगम की 269 वीं निदेशक मंडल की बैठक निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उपाध्यक्ष नटवर गोयल, निदेशक शिशिर सिंह, प्रबंध निदेशक रोहित आनंद, राजीव कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निदेशक मंडल ने ‘शिल्पित’ ब्रांड के तहत ODOP/ODOC उत्पादों की मार्केटिंग योजना को सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार और आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, ‘शिल्पित’ ब्रांड की पहल उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को एक साझा पहचान देने, छोटे उद्यमियों के लिए बिक्री के नए रास्ते खोलने और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। रिटेल स्टोर, वेयरहाउस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री का विस्तार होने पर स्थानीय कारोबारियों को नए ग्राहक मिल सकते हैं। अब योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और बाजार में इसकी स्वीकार्यता पर नजर रहेगी।