UP Vidhanmandal Monsoon Session fifth day उत्तर प्रदेश विधानमंडल मानसून सत्र पांचवां दिन हंगामेदार रहा। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। और उन्होंने सदन की कार्यवाही को आज से अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल मानसून सत्र पांचवां दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। कुछ देर कार्यवाही चली। उसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। और उन्होंने सदन की कार्यवाही को आज से अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष ने नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। विधानमंडल मानसून सत्र 19 सितंबर से प्रारंभ हुआ था। इन पांच दिनों में एक दिन ऐसा रहा जिसने इतिहास रच दिया। 22 सितंबर का दिन महिला सदस्यों के लिए आरक्षित किया गया था।
विपक्ष ने किया विधानसभा से वॉकआउट
इससे पहले शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने विधायकों के साथ विधानसभा से वॉकआउट किया। आज समाजवादी पार्टी ने विधानसभा में चर्चा के दौरान महंगाई, बेरोजगारी और फीस बढ़ाने को लेकर प्रयागराज में छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी ने आज प्रश्नकाल शुरू होते ही सदन में अपनी आवाज उठाई। अपेक्षित उत्तर न मिलने के विरोध में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के साथ सदन को छोड़ दिया।
सीएम योगी की पहल को मिली सराहना
गुरुवार को विधानमंडल का पूरा सत्र महिलाओं के नाम रहा। महिला जनप्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी और सभी ने उसको सुना। सदन से लेकर सड़क और यहां तक कि इंटरनेट मीडिया पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल को काफी सराहना मिली। ट्विटर पर हैशटैग योगीराज में आत्मनिर्भर नारी को यूजर्स ने हाथों-हाथ लिया। लगभग दो घंटे तक यह हैशटैग टाप ट्रेंड में बना रहा।
विधान परिषद में तीन विधेयक पास हुए
विधान परिषद में गुरुवार को तीन विधेयक ध्वनिमत पास हो गए। इनमें उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2022, सामान्य भविष्य निधि (उत्तर प्रदेश) नियमावली 1985, नियम-12 (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक.2022 व इंटरमीडिएट शिक्षा (संशोधन) विधेयक.2022 शामिल हैं।