लखनऊ

नुपुर शर्मा टिप्पणी विवाद: आरोपियों से सम्पत्ति नुकसान की पाई-पाई वसूलेगी UP सरकार, विभागों से मांगा गया ब्योरा

Nupur Sharma Controversy: प्रदेश सरकार ने हिंसा में शामिल आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिसके तहत सरकार आरोपियों से सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को पहुंचाए नुकसान के लिए हर्जाना वसूलेगी।

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Jun 18, 2022

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में हिंसा की गई। इसका सबसे अधिक असर कानपुर और प्रयागराज पर ही पड़ा। कई सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। कई सार्वजनिक संपत्तियों को तोड़फोड़ कर कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिसके बाद अब प्रदेश सरकार ने हिंसा में शामिल आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिसके तहत सरकार आरोपियों से सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को पहुंचाए नुकसान के लिए हर्जाना वसूलेगी। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने विभिन्न सरकारी विभागों से नुकसान का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। साथ ही जनता से अनाउंसमेंट कर आगे आने और हुए नुकसान की जानकारी देने को कहा गया है। बता दें कि प्रदेया सरकार एक नए कानून, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली अधिनियम, 2020 के तहत आरोपियों से हर्जाने की वसूली करेगी।

नुकसार का आंकलन करीब 40 लाख रुपए के आसपास

अतिरिक्त महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, प्रशांत कुमार के मुताबिक, पिछले दिनों हुई हिंसा में शामिल लोगों से वसूली की जाएगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस और नगर निगम समेत कुछ सरकारी विभागों ने हिंसा में हुए सरकार सम्पत्ति के नुकसान का विवरण पत्र में लिखकर प्रयागराज जिला प्रशासन को भेजा है। जिसके मुताबिक, उसका कुल अनुमान करीब 40 लाख रुपए के आसपास है। प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट संजय कुमार खत्री ने कहा कि कुछ विभागों ने अभी तक अपने नुकसान का विवरण प्रस्तुत नहीं किया है। जल्द ही उनसे विवरण प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए गए थे।

कानपुर हिंसा के अब तक 57 आरोपी गिरफ्तार

बता दें कि जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने एक ट्रिब्यूनल का रुख करने का फैसला किया है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि कथित रूप से नुकसान में शामिल आरोपियों को वसूली नोटिस जारी किया जाए। 3 जून को, कानपुर जिले के कई हिस्सों में झड़पें हुईं, जब कुछ अल्पसंख्यक समूहों ने 'बंद' का आह्वान किया था। जिन्होंने कथित तौर पर व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी। दोनों गुट आपस में भिड़ गए और एक दूसरे पर पथराव कर दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। हालांकि कानपुर पुलिस ने जांच कर अब तक 57 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि 40 संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी हैं।

Published on:
18 Jun 2022 09:13 am
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