Rain Alert in Uttar Pradesh : प्रदेश में बारिश का कहर अभी जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे लगातार बारिश की संभावना है।
लखनऊ. प्रदेश में बारिश का कहर अभी जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे लगातार बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आज़मगढ़, मउ, देवरिया,सोनभद्र और आसपास के जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। शनिवार को राजधानी समेत आस-पास के सभी जिलों में दिनभर बारिश हुई। इस बारिश के कारण ज्यादातर इलाको में जलभराव की समस्या व जाम लग गया। बता दें कि पिछले 24 घंटों में अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश से 33 लोगों की मौत और 23 घायल हो गए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने और मृत व्यक्तियों के परिवारीजनों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अब तक 33 की मौत
राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि भारी बारिश से आगरा में छह, मेरठ और मैनपुरी में 4-4, कासगंज व मुजफ्फरनगर में तीन-तीन, बरेली में दो लोगों की मौत हुई है।इसके अलावा, कानपुर देहात, मथुरा, गाजियाबाद, हापुड़, रायबरेली, जालौन, प्रतापगढ़, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, अमेठी व जौनपुर में एक-एक की मौत हुई है। इनमें तीन स्थानों पर मकान गिरने से दबकर लोग मरे हैं। इस दौरान पांच जानवरों की भी मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारी वर्षा और मकान गिरने के कारण मृत व्यक्तियों के परिवारीजनों को मानक के अनुसार जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, घायलों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था और प्रभावितों के लिए तत्काल राहत-पुनर्वास के इंतजाम भी किए जाएं।
सीएम ने दिया आदेश
अगले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट किया गया है। भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में तुंरत राहत पहुंचाने का निर्देश दिए है। वहीं बारिश से होने वाली घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश देते हुए कहा कि मकान गिरने से मरने वालों के परिजनों को मानक के अनुसार जल्द राहत का पैसा देंगे। घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। प्रभावितों के पुनर्वास के भी इंतजाम किए जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावितों के साथ है और उनकी हर संभव मदद की जाएगी। राहत व पुनर्वास के कामों को बेहतर तरीके से चलाने को कहा है। भारी बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर जरूरी सुविधाओं के साथ मरम्मत के काम कराए जाएं। राहत के काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।