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राहुल गांधी के केस में नया मोड़, अब हाईकोर्ट के जज ने केस सुनने से किया इनकार, पहले FIR किया था रद्द

Rahul Gandhi British Citizenship Case : राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता मामले में नया मोड़! इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई से खुद को अलग किया। याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर के सोशल मीडिया पोस्ट और कोर्ट पर लगाए आरोपों के बाद जज ने जताई नाराजगी।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 20 Apr 2026, 5:17 PM IST

राहुल गांधी केस में जज ने सुनवाई करने से किया इनकार, PC- ANI

लखनऊ : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता (ब्रिटिश नागरिकता) से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने सोमवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

जज ने याचिकाकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर के सोशल मीडिया (X) पर किए गए पोस्ट्स पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि मेरे साथ गलत बर्ताव हुआ है और कोर्ट की छवि खराब की गई है। कोर्ट ने मामले की फाइल मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया, ताकि नई बेंच गठित की जा सके।

जानें क्या है पूरा मामला

कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने याचिका दायर कर दावा किया था कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिकता रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने यूके की एक कंपनी में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था और पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों में हेराफेरी की गई है।

याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, विदेशी अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने और CBI जांच का अनुरोध किया था।

पहले FIR का आदेश फिर किया गया रद्द

  • 17 अप्रैल 2026: जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकलपीठ ने खुले अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले को CBI स्थानांतरित करने का आदेश दिया। उस समय सभी पक्षों (याचिकाकर्ता, केंद्र और राज्य सरकार) ने कहा था कि राहुल को नोटिस देने की जरूरत नहीं है।
  • 18 अप्रैल 2026: आदेश टाइप होने से पहले जज ने पुराने फुल बेंच फैसले (2014) का हवाला देते हुए अपना रुख बदला। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्ति को सुनवाई का मौका दिए बिना ऐसा आदेश उचित नहीं है। कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया और मामले को 20 अप्रैल के लिए स्थगित कर दिया।

याचिकाकर्ता की X पोस्ट्स पर बवाल

18 अप्रैल को आदेश बदलने के बाद विग्नेश शिशिर ने X (पूर्व ट्विटर) पर दो विवादास्पद पोस्ट किए। इनमें उन्होंने जज पर अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत लेने का आरोप लगाया, 'इंटरसेप्टेड कॉल' अपलोड करने की धमकी दी और 'अवैध गठजोड़' का पर्दाफाश करने की बात कही।

जानें याचिकाकर्ता ने X पर क्या पोस्ट किया

  • आवेदक ने कोर्ट पर कीचड़ उछाला है।
  • यह पीठ पीछे कीचड़ उछालना है।
  • आवेदक राजनीतिक फायदे के लिए कोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है।
  • मीडिया में तरह-तरह के बयान दिए जा रहे हैं।

जानें कोर्टरूम में क्या हुई बहस

  • शिशिर : आज जो आदेश पारित किया जा रहा है, वह एकतरफा है।
  • जज: आप मेरे आदेश को चुनौती दे सकते हैं। आपने मुझे परेशान किया है। जज के साथ अन्याय हुआ है।
  • शिशिर: ये पोस्ट उन लोगों के लिए थे जो मुझ पर दबाव डाल रहे थे।
  • जज: यह बात दूसरे न्यायाधीश को बोलिएगा। शायद आप एक बेहतर न्यायाधीश के हकदार हैं।

अब नई बेंच करेगी केस की सुनवाई

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब मामले की सुनवाई नई बेंच करेगी। राहुल गांधी को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिस पर 20 अप्रैल को आगे सुनवाई होनी थी, लेकिन जज के रिक्यूजल के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

यह मामला राजनीतिक और कानूनी रूप से काफी संवेदनशील है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं, जबकि राहुल गांधी पक्ष ने अब तक इन आरोपों को खारिज किया है।