लखनऊ

Yogi कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर, होमगार्डों को कैशलेस इलाज से लेकर नई स्टार्टअप नीति तक मिलेगी नई दिशा

Yogi Cabinet: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में होमगार्डों के कैशलेस इलाज, नई स्टार्टअप नीति, विश्वविद्यालयों की स्थापना समेत कई अहम प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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Jul 06, 2026
Decision by the Yogi Cabinet
UP कैबिनेट की बैठक में CM योगी ने कई प्रस्तावों को मंजूरी दी (फोटो- पत्रिका)

Yogi Cabinet Approves Key Proposals On Cashless Treatment :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नगरीय विकास, कृषि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक अहम प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के लगभग दो दर्जन प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, नई स्टार्टअप नीति-2026, विश्वविद्यालयों की स्थापना, नगर निकायों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड और कई प्रशासनिक नियमावलियों में संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इन प्रस्तावों को प्रदेश के समग्र विकास और जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

होमगार्ड स्वयंसेवकों को मिल सकती है बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा

कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव होमगार्ड स्वयंसेवकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने से जुड़ा रहा। सरकार ने उनके लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार किया। यदि इस व्यवस्था को लागू किया जाता है तो प्रदेश के हजारों होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक राहत मिलेगी। लंबे समय से होमगार्ड संगठन इस प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सीधी भर्ती का अवसर

प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में कैबिनेट के समक्ष विभिन्न विभागों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का प्रस्ताव रखा गया। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और युवाओं को खेलों के प्रति अधिक प्रेरित करना है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।

नई स्टार्टअप नीति 2026 से उद्यमिता को बढ़ावा

प्रदेश में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से नई स्टार्टअप नीति-2026 भी कैबिनेट के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रही। नई नीति के तहत स्टार्टअप इकाइयों को सब्सिडी, वित्तीय सहायता, कर संबंधी रियायतें तथा अन्य प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीति से प्रदेश में नवाचार और तकनीक आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी।

लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन में संशोधन

कैबिनेट के समक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन से संबंधित प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव में उनकी पेंशन बढ़ाने का प्रावधान शामिल है। सरकार का मानना है कि संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों के सेवा लाभों में समयानुकूल संशोधन आवश्यक है, जिससे व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी बनी रहे।

मदरसों के शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ

बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों में कार्यरत शिक्षकों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें सेवा अवधि के दौरान असामयिक मृत्यु होने की स्थिति में शिक्षकों के परिजनों को ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

पशुधन बीमा और जोखिम प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना की कार्ययोजना भी कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की गई। सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि पशुओं की मृत्यु या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। कृषि और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए विश्वविद्यालयों की सौगात

राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट में शामिल रहे। कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय तथा फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया। इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और संबंधित क्षेत्रों में शैक्षणिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

नगर निकायों के विकास को मिलेगी रफ्तार

कैबिनेट बैठक में नगरीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी चर्चा में रहे। गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की मंजूरी का प्रस्ताव रखा गया। इससे नगर निकायों को आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी।

वाराणसी रोपवे परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी

धार्मिक और पर्यटन नगरी वाराणसी में प्रस्तावित रोपवे पायलट परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके तहत आवश्यक भूमि वाराणसी विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस परियोजना से शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर में अस्पताल और ग्रामीण स्वच्छता पर जोर

स्वास्थ्य क्षेत्र में गोरखपुर में 100 बेड के अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल रहा। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग की संचालन एवं अनुरक्षण नीति को भी मंजूरी देने पर विचार किया गया। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाना है।

प्रशासनिक सुधारों को भी मिली प्राथमिकता

बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई नियमावलियों में संशोधन के प्रस्ताव भी रखे गए। इनमें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ (सहकारी समितियां एवं पंचायत) लेखा परीक्षा सेवा की प्रथम संशोधन नियमावली तथा उत्तर प्रदेश परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली-2026 में संशोधन प्रमुख रहे। इसके अलावा वेतन समिति-2016 की सिफारिशों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसाओं को भी मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया।

विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कदम भी हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुधार जैसे क्षेत्रों में लिए जाने वाले निर्णयों का सीधा लाभ लाखों लोगों तक पहुंचेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है, जिनसे निवेश बढ़े, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें, किसानों और पशुपालकों को सुरक्षा मिले तथा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हों। सोमवार की कैबिनेट बैठक भी इसी व्यापक विकास दृष्टि का हिस्सा मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें सरकार द्वारा जारी होने वाले आधिकारिक निर्णयों और उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा पर टिकी हैं।