संगठित अपराध पर लगाम लगाएगा यूपीकोका, उम्रकैद से लेकर 25 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान
लखनऊ. योगी कैबिनेट की बैठक में यूपीकोका को मंजूरी मिल गई है। यूपी कैबिनेट की मंजूरी के बाद UPCOCA (Uttar Pradesh Control Of Organised crime) के प्रस्ताव को विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। विधानभवन के दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद उसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बता दें कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 12 दिसंबर से शुरू हो रहा है।
गुंडों और संगठित अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम (यूपीकोका ) एक सख्त कानून है। यूपीकोका लागू होने के बाद संगठित अपराध पर लगाम लगाई जा सकेगी। संगठित अपराध की श्रेणी में रंगदारी, ठेकेदारी में गुंडागर्दी, गैरकानूनी तरीके से कमाई गई संपत्ति भी शामिल होगी। इस कानून के लागू हो जाने के बाद अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सकेगा। संगठित अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएंगी। प्रदेश के गृह सचिव राज्य स्तर पर इसकी निगरानी की जाएगी।
मकोका की तर्ज पर यूपीकोका
महाराष्ट्र के मकोका कानून की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी यूपीकोका एक्ट के जरिए क्राइम कंट्रोल का दावा किया जा रहा है। बुधवार को योगी कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि यूपीकोका कानून के जरिए संगठित अपराधों जैसे भू- माफिया, खनन माफियाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।
यूपीकोका के तहत मिलेगी ये सजा
यूपीकोका कानून के तहत अपराधियों को न्यूनतम तीन साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा मिलेगी। इस कानून के तहत अपराधियों पर 5 लाख से 25 लाख तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। यूपीकोका लागू होने से पुलिस और स्पेशल फोर्स को अतिरिक पावर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में अभी तक संगठित अपराधों से निपटने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन हुआ था।
2007 में यूपीकोका लाई थीं मायावती
वर्ष 2007 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती अपराधों पर नियंत्रण के लिए इस कानून को लाई थीं। लेकिन तब इस कानून को केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिली थी। उस वक्त केंद्र में यूपीए की सरकार थी।
ये है यूपीकोका का फुलफार्म
यूपीकोका का फुलफार्म हिंदी में- उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम
UPCOCA का फुलफार्म अंग्रेजी में- Uttar Pradesh Control Of Organised crime
यह भी पढ़ें : योगी कैबिनेट में इन अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी