UP on Alert: योगी आदित्यनाथ होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें 25–27 अप्रैल की परीक्षा की तैयारियों पर अहम निर्देश दिए जाएंगे।
UP Homeguard Bharti, Exam Update: लखनऊ में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात एक अहम समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें प्रदेशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें परीक्षा की तैयारियों से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर पहलू पर गहन चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जोनों के अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे। इस बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), आईजी/डीआईजी रेंज और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना है। इसके साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी व्यापक आकलन किया जाएगा।
प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित की जानी है। इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी जिलों को पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। संवेदनशील जिलों और परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री इस बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। हाल के घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां पहले किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना रही है। प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और नकल के मामलों को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
सरकार केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रख रही है। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की जा रही है, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।
इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की बैठक का उद्देश्य यही है कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और किसी भी प्रकार की चूक न हो। जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।
इस बार परीक्षा की निगरानी के लिए तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के अलावा डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना को समय रहते रोका जा सके।