लखनऊ

‘इतिहास के पहियों’ से आज भी भौकाल टाइट! विंटेज गाड़ियों की लिस्ट में कौन सा शहर सबसे आगे? जानें, रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और शर्त

UP News: विंटेज वाहनों की लिस्ट में कौन सा शहर सबसे आगे है, विंटेज वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस क्या है, जानिए इसके लिए क्या शर्त तय की गई है?
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Updated: 4 Sep 2025, 2:42 PM IST
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विटेंज गाड़ियों की लिस्ट में कौन सा शहर सबसे आगे? फोटो सोर्स-Ai

UP News: उत्तर प्रदेश में 50 साल से ज्यादा पुरानी कार और मोटरसाइकल जैसे वाहनों को ‘विंटेज’ कैटिगरी में रजिस्टर किया जा सकता है। आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश में सिर्फ 404 विंटेज वाहन रजिस्टर हैं, लेकिन 'इतिहास के पहिये' सिर्फ चुनिंदा शहरों में ही घूमते दिखते हैं।

86 विंटेज कारों और बाइकों के साथ लखनऊ नंबर 1

राज्य परिवहन विभाग के 31 जुलाई, 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि लखनऊ 86 विंटेज कारों और बाइकों के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर है। उसके बाद प्रयागराज 82 विंटेज कारों के साथ दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा वाराणसी में 35 और कानपुर में 31 विंटेज वाहन रजिस्टर हैं। इन शहरों में विंटेज कार क्लब भी चलते हैं।

कानपुर और लखनऊ जोन में कुल 264 विंटेज वाहन

इसके अलावा गोरखपुर में 18, बरेली में 18, आजमगढ़, में 9, बाराबंकी में 8, मुरादाबाद में 8 और बलिया में 7 विंटेज वाहन हैं। रायबरेली, हरदोई, बस्ती, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर जैसे जिलों में केवल दो-दो विंटेज वाहन हैं। कानपुर और लखनऊ जोन में ही कुल 264 विंटेज वाहन हैं, जो राज्य के कुल वाहनों का लगभग दो-तिहाई है। वाराणसी जोन में कुल 89 विंटेज वाहन हैं।

24 जिले ऐसे भी जहां एक भी विंटेज वाहन रजिस्टर नहीं

वहीं 24 जिले ऐसे भी हैं जहां एक भी विंटेज वाहन रजिस्टर नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह अंतर बहुत ज्यादा है। गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (NOIDA),बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और मेरठ जैसे कुछ शहर ऐसे भी हैं जहां से एक भी विंटेज वाहन रजिस्टर नहीं है। इसके विपरीत, अमेठी, गोंडा, श्रावस्ती, संत कबीर नगर, कौशांबी, ओर्रैया, बांदा, बदायूं, बिजनौर, रामपुर, चंदौली, गाजीपुर, कुशीनगर, मऊ, आगरा, मैनपुरी और ललितपुर जैसे छोटे पूर्वी जिलों में कम से कम एक विंटेज वाहन को देखा जा सकता है।

विंटेज कारों के प्रति गहरा लगाव

विंटेज कारों के शौकीन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पूर्व महानिदेशक आनंद प्रकाश माहेश्वरी का कहना है, "भारत में शाही परिवारों वाले शहरों में विंटेज कारों के प्रति गहरा लगाव था, जो पैसा प्रभाव और प्रतिष्ठा का प्रतीक थीं। बाद में, आम लोगों ने भी शौक के तौर पर इन बेशकीमती गाड़ियों को रखना शुरू कर दिया। लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे जिलों में अपनी शाही विरासत के चलते विंटेज गाड़ियों की मौजूदगी ज्यादा हो सकती है।"

क्या है विंटेज वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

नए रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क 20,000 रुपये

बता दें केंद्रीय मोटर वाहन (पंद्रहवां संशोधन) नियम, 2021 तक विंटेज वाहनों के रजिस्टर का कोई प्रावधान नहीं था। हालांकि, 15 जुलाई, 2021 के नियमों के तहत 50 साल से ज्यादा पुराने, बिना किसी बड़े बदलाव के, दोपहिया और चौपहिया वाहनों को विंटेज के रूप में पंजीकृत किया जाना है। नए रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क 20,000 रुपये औ नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क है। प्रमाणपत्र 10 सालों के लिए वैध है। साथ ही इसे अगले पांच सालों के लिए रिन्यू (Renew) किया जा सकता है।

इस शर्त को मानना जरूरी!

परिवहन विभाग का कहना है कि विंटेज गाड़ियों को रोजाना चलाने या व्यावसायिक (कमर्शियल) काम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। विंटेज आरसी पर साफ तौर पर इसे लिखा जाएगा।

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4 Sep 2025, 2:42 PM IST
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