उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए गरीब कल्याण रोजगार योजना के क्रियान्वन में आठ पुरस्कार हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुआई में वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के दौरान गरीब कल्याण रोजगार योजना में उत्तर प्रदेश सरकार को पहला स्थान मिला है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए गरीब कल्याण रोजगार योजना (Garib Kalyan Rojgar Yojana) के क्रियान्वन में आठ पुरस्कार हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुआई में वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के दौरान गरीब कल्याण रोजगार योजना में उत्तर प्रदेश सरकार को पहला स्थान मिला है। इसमें प्रयागराज, हरदोई और फतेहपुर को पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल हुआ है। इसी तरह गंदगी मुक्त भारत अभियान में भी समग्रता में उप्र दूसरे नंबर पर है। इस उपलब्धि के लिए दो अक्टूबर को पुरस्कार वितरण कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने श्रमिकों और कामगारों पर कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिये गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की थी। यह योजना 20 जून को 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज से शुरू की गयी थी। लॉकडाउन के दौरान गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत श्रमिकों को मनरेगा के तहत काम मिला। जिसकी दैनिक मजदूरी 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए कर दी गई। इस योजना के तहत श्रमिकों को 125 दिनों तक के लिए रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसमें समग्रता में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है।
दो अक्टूबर को होगा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इस साल 20 जून को अभियान की शुरुआत की गई थी। अभियान में उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों के 116 जिलों को शामिल किया गया था, जिसमें यूपी नंबर वन पर है। प्रदेश के पंचायती राज विभाग को कुल आठ पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार कार्यक्रम दो अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे। जिले के पुरस्कार वहां के जिलाधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी ग्रहण करेंगे।