रियासी जिले में हुए आतंकी हमले में शादी की सालगिरह मनाने गए वाराणसी के अतुल और उनकी पत्नी नेहा घायल हो गए। उन्होंने उस दिन को याद करते हुए अपनी आपबीती सुनाई।
वाराणसी के काल भैरव इलाके में रहने वाले एक दंपती का स्वागत घरवालों ने ठिक नए-नवेले जोड़े की तरह किया। बेटे और बहू के सही सलामत घर पहुंचने के बाद परिवार वालों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल कुछ दिनों पहले ये दंपती मैरिज एनिवर्सरी मनाने वैष्णो देवी और शिवखोड़ी पहुंचे थे। जब दोनों शिवखोड़ी से वापस लौट रहे थे तभी रियासी में बस पर हमला हो गया। अब इस दंपती ने अपनी आपबीती सुनाई है।
वाराणसी के रहने वाले अतुल उस बुरे वक्त को याद करके सिहर जाते है। अतुल ने बताया कि बस में हमारी सीट आगे थी तो हम पत्नी के साथ बस के बीच वाले गलियारे में फर्श पर लेट गए। फिर बस खाई में गिर गई। गोली चलते ही बस के सभी शीशे चकनाचूर होने लगे। ये देखने के बाद उन्हें अंदेशा हो गया कि कुछ भयानक होने वाला है। अतुल ने बताया कि आतंकी ने अपनी दरिंदगी तब तक दिखाई जब तक बस में बैठे लोगों की चीख-पुकार थम नहीं गई। उन्होंने आगे कहा कि वो ये घटना चाह कर भी कभी नहीं भूल पाएंगे। इस हमले में अतुल के सर पर चोट आई है और उनके हाथ भी टूट गए।
अतुल की मां सुनीता ने बताया कि वे बहुत खुश हैं। क्योंकि उनका बेटा और बहू वापस घर आ गए हैं। इसके लिए वो भगवान को धन्यवाद देती हैं। अतुल की मां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाती हैं कि एक बार फिर आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया जाए।