Water Crisis in Uttarakhand: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में छात्राएं पानी को लेकर सड़क पर उतर आईं। इस दौरान छात्राएं बच्चा-बच्चा रोता है, पानी-पानी कहता है…के नारे लगाते हुए ताली बजा रही थीं।
Water Crisis in Uttarakhand: पहाड़ों पर बारिश ने एक ओर कोहराम मचा रखा है। वहीं दूसरी ओर लोगों के पास पीने का पानी नहीं है। इसी को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के बड़कोट शहर में सैकड़ों स्कूली छात्राएं पानी के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर आईं। इस दौरान उनके साथ शिक्षकों की टोली भी रही। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले यूजर्स का तर्क है कि पीने के पानी की पीड़ा को लेकर स्कूली छात्राओं का सड़कों पर उतरना साधारण बात नहीं है। सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। मामला पेयजल पंपिंग योजना से जुड़ा है। आख़िर पीने का पानी तो चाहिए ही।
दरअसल, उत्तराखंड के उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। यहां चारधाम यात्रा का भी दबाव है। रुद्रप्रयाग के सौंदा, भरदार, तल्लानागपुर, गुप्तकाशी, क्वीलाखाल, चोपता, कुंडादानकोट समेत कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित है। योजना के लिए लाइन बनी है पर पानी नहीं है। पानी के संकट से जूझ रहे इन क्षेत्रों का ब्योरा जल संस्थान और जल निगम ने जारी किया है। इसके अनुसार उत्तराखंड की 218 शहरी कॉलोनियों और ग्रामीण बस्तियों में भारी जल संकट दिखने लगा है।
उत्तराखंड में संभावित पेयजल संकट के लिहाज से पहले 317 कॉलोनियों को चिन्हित किया गया था। बाद में इन आंकड़ों में बदलाव कर जो सूची सामने आई उसमें 218 कॉलोनी शामिल किया गया। उत्तराखंड में ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार को छोड़कर एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां कोई न कोई क्षेत्र पानी के संभावित संकट से जुड़ा न हो। ऐसी संभावित शहरी कॉलोनियों की संख्या 118 है। जबकि ग्रामीण बस्तियों की संख्या 100 के करीब है।
अब बारिश के मौसम में भी शहर के भीतर और बाहरी दोनों हिस्सों में पानी की किल्लत की स्थिति पैदा होने लगी है। प्रदेश में कहीं पेयजल लाइनों का विस्तार न होना और कहीं पानी की कमी के कारण, पेयजल का सप्लाई सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर छात्राओं ने सड़क पर उतरकर सरकार से पानी की मांग की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। इसलिए पत्रिका डॉट काॅम इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।