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Yogi Action: गौतमपल्ली थाने पर बड़ी कार्रवाई, SHO समेत पूरा स्टाफ वसूली कांड में लाइन हाजिर

Lucknow Police Crackdown: लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में वसूली कांड उजागर होने पर SHO समेत पूरा स्टाफ लाइन हाजिर, पुलिस कमिश्नर की जांच में ढाई लाख रुपये वसूली के आरोप सही पाए गए।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 03, 2026

सीपी की जांच में ढाई लाख की वसूली की पुष्टि, SHO समेत सभी पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

सीपी की जांच में ढाई लाख की वसूली की पुष्टि, SHO समेत सभी पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Yogi Action Gautam Palli Police Station: राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग के भीतर एक बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। गौतमपल्ली थाने में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष (SHO) रत्नेश कुमार सिंह सहित सभी पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह मामला न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कानून व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर चिंता उत्पन्न करता है।

ढाई लाख की वसूली का आरोप, जांच में पुष्टि

सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले एक व्यक्ति को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर गौतमपल्ली थाने लाया गया था। आरोप है कि इस व्यक्ति से करीब ढाई लाख रुपये की वसूली की गई। मामला सामने आने के बाद इसे बेहद गंभीरता से लिया गया और इसकी जांच सीधे पुलिस कमिश्नर (सीपी) स्तर से कराई गई।

जांच के दौरान कई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि वसूली के आरोप निराधार नहीं थे, बल्कि उनमें सच्चाई पाई गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया।

SHO समेत पूरा स्टाफ लाइन हाजिर

कार्रवाई के तहत गौतमपल्ली थाने के प्रभारी निरीक्षक रत्नेश कुमार सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया है। उनके अलावा थाने में तैनात सभी सिपाहियों और अन्य पुलिसकर्मियों को भी इस कार्रवाई की जद में लिया गया है। इस तरह की सामूहिक कार्रवाई पुलिस विभाग में बेहद कम देखने को मिलती है, जिससे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। लाइन हाजिर किए जाने का मतलब है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन में तैनात कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

नई तैनाती: विपिन सिंह को सौंपी गई कमान

घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए गौतमपल्ली थाने की कमान नए अधिकारी को सौंप दी है। विपिन सिंह को नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिन्हें थाने की व्यवस्था को दुरुस्त करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि नई तैनाती के साथ थाने की छवि सुधारने और जनता का विश्वास बहाल करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

सीएम आवास क्षेत्र में कार्रवाई से बढ़ी संवेदनशीलता

गौतमपल्ली थाना क्षेत्र मुख्यमंत्री आवास के अंतर्गत आता है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है। ऐसे इलाके में इस तरह का भ्रष्टाचार सामने आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। इस कार्रवाई के बाद यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना ही संवेदनशील क्षेत्र क्यों न हो।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। अन्य थानों में तैनात पुलिसकर्मी भी अब सतर्क हो गए हैं और अपनी कार्यप्रणाली को लेकर अधिक सावधानी बरतने लगे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस की छवि को बेहतर बनाया जा सके और जनता का विश्वास कायम रखा जा सके।

भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश

इस घटना के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है। उच्चाधिकारियों द्वारा की गई त्वरित और कड़ी कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं। सूत्रों  का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल दोषियों को सबक मिलेगा, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा।

जनता का भरोसा बहाल करना चुनौती

हालांकि इस कार्रवाई से एक सख्त संदेश जरूर गया है, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि पुलिस विभाग जनता का खोया हुआ भरोसा फिर से हासिल करे। इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा। जनता की अपेक्षा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।