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Judges On Cycle: ईंधन बचत के लिए लखनऊ में जज साइकिल से पहुंचे कोर्ट, न्यायपालिका की अनोखी पहल

Judges On Cycle Campaign:लखनऊ में 70 जज और न्यायिक अधिकारी ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए साइकिल से कोर्ट पहुंचे। इस पहल में वकीलों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 22, 2026

न्यायपालिका की अनोखी पहल, जस्टिस राजेश चौहान ने दिखाई हरी झंडी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

न्यायपालिका की अनोखी पहल, जस्टिस राजेश चौहान ने दिखाई हरी झंडी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Judges On Cycle Lucknow: बढ़ते प्रदूषण, ईंधन की खपत और पर्यावरण संकट के बीच राजधानी लखनऊ से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई। शहर में लगभग 70 न्यायिक अधिकारी और जज साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे। न्यायपालिका की ओर से यह अनोखी पहल ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस अभियान के तहत फैसला लिया गया है कि सप्ताह में एक दिन न्यायिक अधिकारी साइकिल से अदालत पहुंचेंगे। इस पहल को हरी झंडी Rajesh Chauhan ने दिखाई। इस दौरान बड़ी संख्या में वकील भी ई-रिक्शा और साइकिल से कोर्ट पहुंचे।

सुबह कोर्ट परिसर में दिखा अलग नजारा

आमतौर पर गाड़ियों की भीड़ और हॉर्न की आवाजों से भरे रहने वाले कोर्ट परिसर में आज का दृश्य बिल्कुल अलग था। न्यायिक अधिकारी, वकील और कर्मचारी साइकिलों पर नजर आए। कई जज हेलमेट पहनकर साइकिल चलाते हुए अदालत पहुंचे। कुछ अधिकारियों ने ई-रिक्शा का उपयोग किया। इस पहल ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया बल्कि आम नागरिकों के बीच भी सकारात्मक संदेश दिया।

जस्टिस राजेश चौहान ने दिखाई हरी झंडी

इस विशेष अभियान की शुरुआत Rajesh Chauhan ने हरी झंडी दिखाकर की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को रवाना करते हुए कहा कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे कदम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहाकि यदि समाज का हर व्यक्ति सप्ताह में एक दिन भी साइकिल का उपयोग करे तो ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण भी काफी कम किया जा सकता है।

ईंधन बचाने और प्रदूषण घटाने की पहल

देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत चिंता का विषय बनी हुई है। इसके साथ ही बड़े शहरों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में न्यायपालिका की यह पहल एक सामाजिक संदेश के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग बढ़ाना चाहिए.इससे ट्रैफिक जाम कम होगा.कार्बन उत्सर्जन घटेगा.लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

वकीलों ने भी निभाई भागीदारी

इस अभियान में केवल न्यायिक अधिकारी ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में वकीलों ने भी हिस्सा लिया। कई अधिवक्ता साइकिल और ई-रिक्शा से अदालत पहुंचे। वकीलों का कहना था कि यदि न्यायपालिका समाज को संदेश देने के लिए आगे आई है तो हमें भी इसमें सहयोग करना चाहिए। कुछ युवा वकीलों ने इसे “ग्रीन कोर्ट अभियान” की शुरुआत बताया।

न्यायिक अधिकारियों में दिखा उत्साह

साइकिल अभियान को लेकर न्यायिक अधिकारियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई अधिकारियों ने कहा कि इससे उन्हें वर्षों बाद साइकिल चलाने का अवसर मिला। एक न्यायिक अधिकारी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आज का सफर अलग अनुभव लेकर आया। इससे फिटनेस भी बनी रहेगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा।”

स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा

डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने की सलाह देते हैं। ऐसे में साइकिल चलाना सबसे बेहतर व्यायाम माना जाता है।

साइकिल चलाने के फायदे-

  • 1. हृदय स्वस्थ रहता है
  • 2. वजन नियंत्रित रहता है
  • 3. तनाव कम होता है
  • 4. शरीर सक्रिय रहता है
  • 5. मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है

विशेषज्ञों के अनुसार यदि लोग नियमित रूप से साइकिल चलाएं तो कई बीमारियों से बचाव संभव है।

आम लोगों के लिए बना प्रेरणा का केंद्र

कोर्ट परिसर और सड़कों पर जजों को साइकिल चलाते देख लोग भी प्रभावित नजर आए। राह चलते लोगों ने इस पहल की सराहना की। कई लोगों का कहना था कि जब समाज के उच्च पदों पर बैठे लोग स्वयं आगे आकर संदेश देंगे तो उसका असर आम जनता पर जरूर पड़ेगा।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने की सराहना

पर्यावरण विशेषज्ञों ने न्यायपालिका की इस पहल को सराहनीय बताया है। उनका कहना है कि सरकारी विभागों को भी ऐसी पहल करनी चाहिए। स्कूल और कॉलेजों में “नो व्हीकल डे” मनाया जाना चाहिए। सार्वजनिक परिवहन और साइकिल संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है।

लखनऊ में बढ़ रहा प्रदूषण

राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बनता जा रहा है। ट्रैफिक जाम और धुएं की वजह से लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह पहल शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भविष्य में और बढ़ सकता है अभियान

सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस अभियान को और व्यापक बनाया जा सकता है। अन्य सरकारी विभागों और संस्थानों को भी इसमें शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह पहल लगातार जारी रहती है तो लखनऊ में “साइकिल संस्कृति” को नया बढ़ावा मिल सकता है।