
लखनऊ विकास प्राधिकरण की एकमुश्त समाधान योजना 18 अप्रैल से लागू- बकायेदारों को बड़ी राहत, दंड ब्याज में पूरी छूट (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
LDA OTS Scheme: शहर के हजारों बकायेदारों को राहत देने के उद्देश्य से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 18 अप्रैल, 2026 से एकमुश्त समाधान योजना (ओ.टी.एस.) लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के माध्यम से प्राधिकरण उन सभी आवंटियों और बकायेदारों को राहत प्रदान करेगा, जो किसी कारणवश अपने भुगतान समय पर नहीं कर सके हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य लंबित देयों का शीघ्र निस्तारण करते हुए नागरिकों को आर्थिक राहत देना और राजस्व वसूली को सुव्यवस्थित करना है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बकायेदारों की अद्यतन सूची तैयार की जाए और प्रत्येक व्यक्ति तक योजना की जानकारी व्यक्तिगत रूप से पहुंचाई जाए।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को लक्ष्य देते हुए कहा कि कोई भी बकायेदार योजना से वंचित न रहे। इसके लिए कॉल सेंटर और आईटी सेल की सहायता ली जाएगी। बकायेदारों को फोन कॉल, एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से योजना की जानकारी दी जाएगी। यदि किसी कारणवश फोन से संपर्क नहीं हो पाता है, तो संबंधित व्यक्ति के पते पर डाक द्वारा पत्र भेजकर भी सूचना सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम प्रशासन की पारदर्शिता और जिम्मेदारी को दर्शाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्र लोग योजना का लाभ उठा सकें।
ओ.टी.एस. योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए LDA भवन के भूतल पर सिंगल विंडो काउंटर पर एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इस हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी, जो आवंटियों को योजना की पूरी जानकारी देंगे और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता करेंगे। इस पहल से नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए आवेदन को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
इस बार की ओ.टी.एस. योजना में एक विशेष प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत मानचित्र और शमन मानचित्रों से जुड़े बकायेदारों को भी राहत दी जाएगी। ऐसे आवेदक जिन्होंने मानचित्र शुल्क की किश्तें समय पर जमा नहीं की हैं, उन्हें दंड ब्याज से पूर्ण छूट दी जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जो तकनीकी या आर्थिक कारणों से भुगतान में देरी कर बैठे थे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि उनके लंबित कार्य भी जल्द पूरे हो सकेंगे।
LDA की यह योजना केवल बकायेदारों को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राधिकरण के लिए भी राजस्व बढ़ाने और लंबित मामलों को समाप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे पुराने विवादों का निस्तारण होगा और विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे। सूत्रों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करती हैं। साथ ही, यह आर्थिक अनुशासन को बढ़ावा देती हैं और भविष्य में समय पर भुगतान के लिए प्रेरित करती हैं।
एलडीए ने सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने बकाये का निस्तारण जल्द से जल्द कराएं। यह योजना सीमित समय के लिए लागू है, इसलिए इसमें देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए नागरिक हेल्प डेस्क, कॉल सेंटर या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
Published on:
03 Apr 2026 01:19 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
