Bhupendra Chaudhary Wedding Anniversary: योगी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भूपेंद्र चौधरी पत्नी संग मंदिर पहुंचे। मैरिज एनिवर्सरी पर मंत्री बनने की चर्चा से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, जबकि यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई।
marriage anniversary Bhupendra Chaudhary: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सरकार 2.0 के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भूपेंद्र चौधरी अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आज उनकी शादी की सालगिरह भी है। ऐसे में यह दिन उनके लिए “डबल खुशी” लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि आज हमारी मैरिज एनिवर्सरी है। हम भगवान का आशीर्वाद लेने आए हैं। एक तरफ शादी की सालगिरह की खुशी है और दूसरी तरफ मंत्रिमंडल विस्तार में नाम शामिल होने की चर्चा। भूपेंद्र चौधरी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई कि भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जाट राजनीति को साधने के लिए उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है।
लखनऊ स्थित जन भवन में आज दोपहर तीन बजे योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। लंबे समय से जिस विस्तार की चर्चा चल रही थी, वह अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
सूत्रों के अनुसार इस विस्तार में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों के कद में बढ़ोतरी की संभावना है। भाजपा इस विस्तार के जरिए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देना चाहती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं बल्कि 2027 के चुनावी रोडमैप की शुरुआत है।
भूपेंद्र चौधरी जाट समाज से आते हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी पार्टी को मजबूत किया।
योगी सरकार के पहले कार्यकाल (2017-2022) में वे पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों में अनुभव रखने वाले भूपेंद्र चौधरी को भाजपा का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिमी यूपी में बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भाजपा जाट समुदाय को मजबूत संदेश देना चाहती है। इसी रणनीति के तहत भूपेंद्र चौधरी को फिर से सरकार में अहम भूमिका दी जा रही है।
भाजपा इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देना बेहद जरूरी है। समाजवादी पार्टी लगातार PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले के जरिए भाजपा को चुनौती देने की कोशिश कर रही है। ऐसे में भाजपा अब अपने सामाजिक समीकरण को और मजबूत करने में जुटी हुई है। यही वजह है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में ओबीसी, दलित, जाट और क्षेत्रीय चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
संभावित मंत्रियों की सूची में रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक Manoj Kumar Pandey का नाम भी सबसे ऊपर माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके मनोज पांडेय राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से अलग रुख अपनाकर भाजपा के करीब आ गए थे। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा की रणनीतिक जीत माना गया था। अब माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें मंत्री बनाकर यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी अपने साथ आने वाले नेताओं को सम्मान देती है।
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक Krishna Paswan और अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक Surendra Diler का नाम भी मंत्री पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। कृष्णा पासवान को शामिल कर भाजपा दलित और महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है। वहीं सुरेंद्र दिलेर पश्चिमी यूपी और अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
वाराणसी से भाजपा एमएलसी Hansraj Vishwakarma और कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक Kailash Singh Rajput को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं और पूर्वांचल में भाजपा के मजबूत संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं। वहीं कैलाश राजपूत के जरिए भाजपा कन्नौज और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन साधना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा राज्य मंत्री Somendra Tomar और Ajit Pal के कद में बढ़ोतरी की जा सकती है। सोमेंद्र तोमर वर्तमान में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में राज्य मंत्री हैं, जबकि अजीत पाल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग संभाल रहे हैं। दोनों नेताओं को स्वतंत्र प्रभार या कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भूपेंद्र चौधरी का अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचना और “डबल खुशी” वाला बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक समर्थक इसे “मैरिज एनिवर्सरी गिफ्ट” बता रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है। अब सबकी नजर आज दोपहर होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई है, जहां योगी सरकार 2.0 की नई राजनीतिक तस्वीर सामने आएगी।