
जातीय संतुलन पर भाजपा का बड़ा दांव (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार 2.0 का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज राजभवन में हो रहा है। इस विस्तार में कुल 8 नेता अब कैबिनेट मंत्री बनेंगे। जिनमें 6 नए चेहरे शामिल हैं, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों के कद में इजाफा किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इस विस्तार में पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दलित, पिछड़ा और सवर्ण वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश स्पष्ट दिखाई दे रही है।
रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक Manoj Kumar Pandey ने आज योगी सरकार में मंत्री पद की शपथ ली है। मनोज पांडे कभी समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में उन्होंने सपा से अलग रुख अपनाया था।
राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी लाइन से अलग जाकर भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद से ही उनके मंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई थी। राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति और विपक्षी दलों को संदेश देने के रूप में देख रहे हैं।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary भी आज मंत्री पद की शपथ लेंगे। भूपेंद्र चौधरी पहले भी योगी सरकार 2017-2022 में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ रखने वाले भूपेंद्र चौधरी की वापसी को भाजपा के संगठन और सरकार के बीच संतुलन मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जाट और पश्चिमी यूपी के समीकरणों को साधने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक Kailash Singh Rajput को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है। भाजपा नेतृत्व उन्हें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण चेहरा मान रहा है। कन्नौज जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र से मंत्री बनाए जाने को समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाले इलाकों में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वाराणसी से भाजपा एमएलसी और पूर्व जिलाध्यक्ष Hansraj Vishwakarma को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूर्वांचल में भाजपा संगठन के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं। माना जा रहा है कि भाजपा ओबीसी वोट बैंक को और मजबूत करने के लिए उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दे रही है।
अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक Surendra Diler और फतेहपुर की खागा सीट से विधायक Krishna Paswan भी आज मंत्री पद की शपथ लेंगे। सुरेंद्र दिलेर का नाम पश्चिमी यूपी और दलित समाज के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए सामने आया है। वहीं कृष्णा पासवान को शामिल कर भाजपा महिला और अनुसूचित जाति वर्ग को मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित और महिला मतदाताओं को साधने की दिशा में यह बड़ा कदम उठा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार में केवल नए चेहरों की एंट्री ही नहीं होगी, बल्कि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों के कद में भी बढ़ोतरी की जा रही है। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक और वर्तमान में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री Somendra Tomar को प्रमोशन दिया जा रहा है। संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सोमेंद्र तोमर पश्चिमी यूपी में भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। वहीं कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक Ajit Pal का भी कद बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में राज्य मंत्री हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी सरकार का यह विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारी है। भाजपा इस विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ संगठनात्मक संदेश भी देना चाहती है। पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल, ओबीसी, दलित और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी ने इस बार विशेष ध्यान दिया है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी से आए नेताओं को जगह देकर भाजपा विपक्षी दलों को भी स्पष्ट राजनीतिक संदेश देना चाहती है।
राजभवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भाजपा नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार और संगठन में कुछ और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर आज होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे आगामी चुनावी राजनीति की दिशा तय होने के संकेत भी मिलेंगे।
Updated on:
10 May 2026 04:09 pm
Published on:
10 May 2026 02:45 pm
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