
अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग फाड़े, सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Akhilesh Yadav Controversial Poster: राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर शनिवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर लगे होर्डिंग्स को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया और कई स्थानों पर पोस्टर फाड़ दिए गए।
सपा नेता Shaukat Ali अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे और उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर अखिलेश यादव की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सपा अपने नेता के सम्मान के साथ किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं करेगी।
जानकारी के अनुसार राजधानी के KD Singh Babu Stadium के आसपास, बंगला बाजार चौराहा और जेल रोड चौराहा समेत कई प्रमुख स्थानों पर ऐसे पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे, जिन्हें सपा कार्यकर्ताओं ने “विवादित” और “आपत्तिजनक” बताया।
सुबह जैसे ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां नारेबाजी शुरू हो गई और कुछ कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों को फाड़ दिया। इस दौरान इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थानीय पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।
सपा नेता शौकत अली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि हम अपने नेता अखिलेश यादव के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह सब सुनियोजित तरीके से कराया जा रहा है ताकि राजनीतिक माहौल खराब किया जा सके।”शौकत अली ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हुईं तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
विवादित पोस्टरों की खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी नेता की छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाए गए पोस्टर स्वीकार नहीं किए जा सकते। कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह के पोस्टर लगाकर जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि राजनीतिक तनाव पैदा हो।
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की और विवादित पोस्टरों को हटवाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि पोस्टर किसने लगवाए और इसके पीछे किसका हाथ है।पुलिस ने यह भी कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
घटना के बाद सोशल media पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया। सपा समर्थकों ने पोस्टरों की तस्वीरें साझा करते हुए नाराजगी जताई, जबकि विपक्षी समर्थकों ने इसे राजनीतिक प्रतिक्रिया करार दिया। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #AkhileshYadav और #LucknowPolitics जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टरबाजी पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनावी माहौल नजदीक आएगा, इस तरह की घटनाएं और राजनीतिक टकराव बढ़ सकते हैं।
समाजवादी पार्टी नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे राजनीतिक माहौल और खराब हो सकता है। सपा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल लगातार अखिलेश यादव की लोकप्रियता से परेशान हैं और इसी कारण इस तरह की हरकतें की जा रही हैं।
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Updated on:
10 May 2026 12:27 pm
Published on:
10 May 2026 12:20 pm
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