UP Weather: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी के आसार हैं, जिससे शीतलहर और पाले से राहत मिलेगी। हालांकि सुबह के समय कोहरे की तीव्रता और क्षेत्रफल में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
UP Fog Update : प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम के मिज़ाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। आगामी दिनों में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में क्रमिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और पाले से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि सुबह के समय कोहरे का प्रकोप बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दिनों प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाए। अब आगामी दो उत्तरोत्तर पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से अगले 5 से 6 दिनों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस तापमान वृद्धि से विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और रुहेलखण्ड मंडल में रात के समय चल रही शीतलहर (Cold Wave) की परिस्थितियों में सुधार आने की उम्मीद है।
हालांकि तापमान में बढ़ोतरी से ठंड की तीव्रता कुछ कम होगी, लेकिन इसके साथ ही कोहरे के क्षेत्रफल और घनत्व में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नमी बढ़ने और हवा की गति धीमी रहने के कारण सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी दृश्यता प्रभावित हो सकती है। खासकर सुबह के समय सड़कों और हाईवे पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
राहत की बात यह है कि कोहरा मुख्य रूप से सुबह के समय रहेगा। दिन चढ़ने के साथ ही धूप निकलने पर कोहरा धीरे-धीरे छंट जाएगा और मौसम साफ होने की संभावना है। दिन में मौसम खुशगवार और सुहावना बना रह सकता है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत महसूस होगी।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 18 और 19 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और छिटपुट बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि यह बारिश बहुत व्यापक नहीं होगी, लेकिन इससे तापमान में अस्थायी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह हल्की बारिश कुछ हद तक फायदेमंद मानी जा रही है, खासकर रबी फसलों के लिए। हालांकि कोहरे और नमी की अधिकता से फसलों में रोग लगने की आशंका भी बनी रह सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड ने रिकॉर्ड बनाए, लखनऊ और हरदोई में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। वहीं बरेली में इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। इन परिस्थितियों के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
लगातार पड़ रही ठंड और घने कोहरे के कारण आम जनजीवन पर भी असर देखा गया। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को खासा सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर ट्रेन और बस सेवाएं भी कोहरे के कारण प्रभावित रहीं। हालांकि तापमान में संभावित बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कोहरे की वजह से यातायात संबंधी दिक्कतें फिलहाल बनी रह सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कोहरे और बढ़ती नमी को ध्यान में रखते हुए फसलों की निगरानी करें। आलू, सरसों और सब्जियों की फसलों में रोगों की आशंका को देखते हुए समय पर आवश्यक उपाय करें। हल्की बारिश की स्थिति में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें।
ठंड और कोहरे के इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में ठंड का असर धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।