सीएम योगी ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट
लखनऊ. उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर हर जिले में जरूरी तैयारियां कर ली करने के सभी अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के हिसाब से सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना से इस संबंध में निरीक्षण कर अगले दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री योगी ने टीम-9 की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसी मकसद से सभी मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) और नियोनेटल आईसीयू (नीकू) का काम इसी महीने कर लिया जाए। प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में न्यूनतम 100 बेड बढ़ाने की कार्यवाही हो रही है। जिला अस्पतालों और सीएचसी को भी इसी तर्ज पर सुविधायुक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लगातार नियोजित कोशिशों से अब ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए मामले नहीं मिल रहे, तो कई जिलों में नए केस इकाई में आ रहे हैं। 74 जिलों में 200 से कम एक्टिव केस ही हैं। 55 जिले ऐसे हैं, जहां कुल एक्टिव केस दहाई में शेष हैं। प्रदेश की टेस्ट पॉजिटिविटी दर लगातार एक फीसदी से कम बनी हुई है। विगत दिवस पॉजिटिविटी दर 0.2 फीसदी रही। 32.4% प्रति पॉजिटिव केस टेस्ट की दर प्रदेश में एग्रेसिव ट्रेसिंग का प्रमाण है।
इसके साथ ही ने कहा कि सोमवार 21 जून से कोविड टीकाकरण का नया चरण प्रारंभ हो रहा है। हमें पूरी क्षमता के साथ टीकाकरण अभियान संचालित करना होगा। हर दिन 6 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ तैयारी की जाए जबकि 1 जुलाई से प्रतिदिन 10 से 12 लाख लोगों को वैक्सीनेट किया जाए। बेहतर होती स्थितियों के बीच सोमवार से कोरोना कर्फ्यू में छूट बढ़ाई जा रही है। इस संबंध में शासन द्वारा तय गाइडलाइन का सभी जिलों में कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। पुलिस बल की सतर्कता बढाने की आवश्यकता है। कहीं भी अनावश्यक भीड़ न हो। कोविड व्यवहार को अपनाने के लिए आवश्यक जागरूकता प्रसार किया जाए।
आठ बिंदुओं पर काम करने की सिफारिश
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर अभी से सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। 21 विशेषज्ञों ने अपनी सलाह भी दी है। इन विशेषज्ञों में भारत की बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी बायोकॉन की संस्थापक किरण मजुमदार-शॉ और जानेमाने सर्जन डॉक्टर देवी शेट्टी भी शामिल हैं। विशेषज्ञों ने सरकारों से कोरोना के मामले फिर से बढ़ने से पहले तैयारियों के लिए आठ बिंदुओं पर काम करने की सिफारिश की है। आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण होना चाहिए। सभी के लिए एक ही तरह के उपाय ठीक नहीं हैं क्योंकि जिला स्तर पर कोरोना के मामले और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अलग-अलग होती है। साथ ही सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे एंबुलेंस, ऑक्सीजन, ज़रूरी दवाओं और अस्पताल में इलाज की कीमत पर सीमा निर्धारित होनी चाहिए और एक पारदर्शी राष्ट्रीय मूल्य नीति सरकार को बनानी चाहिए।