लखनऊ

जब प्रेमानंद महाराज को रात को रास्ते में मिली चुडैल, इस तरह छुड़ाया पीछा

कृष्ण भक्ति में ओतप्रोत और सम्पूर्ण जीवन सन्यासी की तरह जीने वाले संत प्रेमानंद जी इन दिनों लोगों की आस्था के केंद्र बने हुए हैं। प्रेमानंद जी को भूत–प्रेत भी परेशान करते रहे हैं। उन्होंने कैसे अपना पीछा छुड़ाया।
2 min read
Dec 22, 2023
chudail_2.jpg
प्रेमानंद जी को भूत–प्रेत भी परेशान करते रहे हैं।

UP News: वृंदावन मथुरा मार्ग पर संत प्रेमानंद जी महाराज का आश्रम है, जहां नियमित इस संत के दर्शन लाभ लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। उनके भक्तों में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लेकर फिल्म स्टार और क्रिकेटर तक हैं, जो प्रेमानंद जी से मिलने आते हैं। बताया जाता है कि संत प्रेमानंद जी की दोनों किडनियां खराब है। वह सप्ताह में एक से दो बार डायलिसिस कराते हैं। गत 25 सालों से प्रेमानंद अपनी खराब किडनी के बाद भी पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ रहते हुए भगवत भजन में लगे हुए है। मिलने आने वालों को वह राधा नाम जप करने और शुद्ध सात्विक ईमानदार जीवन अपनाने का सुझाव देते हैं

प्रेमानंदजी महाराज बताते हैं कि वह सन्यासी जीवन में परिव्राजक रहे हैं और भिक्षा मांगकर जीवन चलाते रहे हैं। साधना के दिनों में वह सुबह तड़के उठ जाया करते थे, जो आदत आज भी उनकी है। जिसके कारण ब्रम्ह मुहूर्त में ही वृंदावन की नियमित परिक्रमा करते रहे हैं। वह अपने प्रवचन में बताते हैं कि एकबार भोर में जब वह लोटा लेकर नित्यक्रिया के लिए जा रहे थे। तो रास्ते में उनको एक महिला मिली। इसलिए उन्होंने रास्ता बदल लिया।

यह भी पढ़ें-

थोड़ी दूर जाने पर फिर वही महिला उनके आगे दिखाई दी। तो प्रेमानंद जी महाराज ने सोचा यह उनका भ्रम है और फिर से रास्ता बदल लिया। लेकिन वह जिधर भी जाते वह महिला उनके आगे दिखाई पड़ती है। इसके बाद प्रेमानंद जी महाराज ने समझ लिया कि यह कोई प्रेतात्मा है। जिसके बाद उन्होंने जोर से भागवत नाम लिया हे कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव का जाप शुरू कर दिया। इसके बाद वह महिला तुरंत विलुप्त हो गई। प्रेमानंद जी मानते हैं कि संसार में अदृश्य शक्तियां हैं तो ईश्वर की सर्वोच्च शक्ति भी है। जिसका कीर्तन भजन करके हम जीवन में सबकुछ प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें-

Published on:
22 Dec 2023 02:41 pm