बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों के बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि नीतीश के बाद बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा।
Who will be Next Chief Minister of Bihar: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने का फैसला कर चुके हैं। उनके इस फैसले से बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश के बाद बिहार में बीजेपी का ही मुख्यमंत्री बनेगा।
ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना पहले से तय था। उन्होंने बताया, "बिहार विधानसभा चुनाव के समय ही यह सब तय हो चुका था। नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में जाएंगे और बिहार में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनेगा।" राजभर ने यह भी कहा कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में उतारा जाएगा। उन्हें जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम या कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। राजभर का यह बयान बिहार की सियासत को और गर्म कर रहा है।
5 मार्च 2026 को नीतीश कुमार ने पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश ने कहा कि वे पिछले दो दशक से ज्यादा समय से राज्यसभा जाना चाहते थे। नामांकन के साथ ही एनडीए के अन्य उम्मीदवारों जैसे नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा ने भी पर्चे भरे। राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होंगे और 20 मार्च तक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली हो सकता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी का कोई नेता नया सीएम बनेगा। इस दौड़ में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अलावा विजय सिन्हा (भूमिहार) और मंगल पांडे (ब्राह्मण) के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि नीतीश के बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। अब उनकी दिल्ली शिफ्ट से एनडीए में नई समीकरण बन सकते हैं। ओम प्रकाश राजभर जैसे सहयोगी दलों के नेता भी इस बदलाव पर अपनी राय दे रहे हैं। बिहार की जनता और राजनीतिक दल इस बड़े फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। यह बदलाव बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू कर सकता है।