Schools Reopen 2021: यूपी में फिर से कुछ स्कूल और कॉलेज खुल गए हैं| अब छात्र/छात्राएं फिर से अपने बेस्ट फ्रेंड्स के साथ वही पुरानी मस्ती कर सकेंगे और साथ ही कॉलेज में प्रवेश करने वाले बच्चें अपने लिए एक व्यक्तिगत स्टाइल स्टेटमेंट की तैयारी फिर से कर सकते हैं|
लखनऊ.Schools Reopen 2021: कोरोना महामारी की वजह से ज़िन्दगी में तो काफी बोरियत हो ही रही थी, पर बच्चों के लिए हमसे कही ज्यादा| ना वो कहीं अपनी मर्जी से जा सकते थे ना कुछ नया सीख पा रहे थे और ना ही उस मस्ती के साथ ऑनलाइन क्लास को एन्जोय कर पा रहे थे| आइये जानते हैं बच्चों से जुड़े कुछ सवालों के बारे में
ऑनलाइन क्लास में हम क्या नहीं कर सकते हैं ?
ऑनलाइन क्लास के दौरान हम अपने दोस्तों से बात नहीं कर सकते हैं, हमें घंटों एक ही स्थान पर बैठना पड़ता है, क्लास में कोई मनोरंजन नहीं होता है, शरारतें नहीं के बराबर करने को मिलती हैं, घंटों एक ही जगह पर बैठने से कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं, हम कपड़े, हेयर स्टाइल, जूते आदि का दिखावा नहीं कर सकते|
पर अब सच बात तो यह भी है की इस लॉकडाउन ने हम सभी को आलसी बना दिया है और अब हम सच में नहीं पढ़ना चाहते हैं।
ऑफलाइन क्लास में हम क्या कर सकते हैं?
रेगुलर क्लास के दौरान हम दोस्तों से रोज बात कर सकते हैं और मस्ती कर सकते हैं, हम शिक्षक के न होने पर इधर-उधर घूम सकते हैं, हम क्लास को बंक करके दोस्तों के साथ गप्पे मार सकते हैं या कहीं घूमने जा सकते हैं, हम शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए मौज-मस्ती करते हैं, क्लास में हम लेक्चर के दौरान पेपर पर लिखकर अपने दोस्तों के साथ मस्ती नहीं कर एक दूसरे को चिढाके मस्ती कर सकते हैं|
स्कूल लाइफ!
स्कूल में पढ़ रहें बच्चों को इस बात का अफ़सोस इस बात का है की वो महामारी के चलते अंतिम वर्ष में अपने बचपन के दोस्तों के साथ या अपने बेस्ट फ्रेंड्स के साथ टाइम नई बिता सकते और ना कहीं बाहर ही मिल सकते हैं| जबकि यह समय जीवन में दोस्तों के साथ एक मजबूत बंधन बनाने का समय होता है|
उत्साह विश्वविद्यालय जीवन का !
स्कूल से निकलते ही बच्चों के लिए नई चुनौतियाँ होती हैं, जैसे नए दोस्त बनाना और महानगरों या बसों से अकेले यात्रा करना। फिर फैशन ब्रांड, सिनेमा, पॉप संस्कृति, और यहां तक कि व्यक्तिगत कहानियां जो की कॉलेज के दिनों को किसी के जीवन के सबसे अच्छे समय के रूप में गौरवान्वित करती हैं वो हम अपने नए दोस्तों के साथ साझा नहीं कर सकते| यही कारण है कि स्कूल के छात्र कॉलेज में प्रवेश पाने से पहले ही कपड़े, हेयर स्टाइल, जूते आदि के साथ एक व्यक्तिगत स्टाइल स्टेटमेंट तैयार करने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। स्कूल से निकलते ही बच्चे फ्रेशर की पार्टी को लेकर थोड़े ज्यादा एक्साइटेड हो जाते हैं लेकिन इस लॉकडाउन के चलते कुछ बच्चें थोड़ा असहजता महसूस कर रहे हैं ऑनलाइन दोस्त बनानें में जबकि ऑफलाइन क्लासेज शुरू होने के पहले दिन से ही दोस्त बनने लगते हैं|
ऑनलाइन क्लास का नकारात्मक प्रभाव
कुछ बच्चें यह सोचने लगे हैं की उनकी किस्मत सबसे बेकार है और सबसे बदकिस्मत बैच उन्हीं का है क्योंकि उन्हें एक बार भी कॉलेज जाने को नहीं मिला। कॉलेज जाने के बजाय, आराम से घर में ही ऑनलाइन क्लास करने को मिल रहा है जो काफी कठिन है कुछ लोगों के लिए क्युकी घर से रहके पढ़ पाना कुछ लोगों के लिए अलग चुनौतियाँ लाता है जिनके यहाँ पढाई का माहौल नहीं मिल पता| कॉलेज के बहाने नयी जगहों पर जाना, घूमना, खाना , बच्चे बहुत मिस कर रहे हैं, क्युकी बाहर जाकर फोटो नहीं क्लिक कर पा रहे जो वो बड़े शौख से अपने दोस्तों के साथ सोशल प्लेटफार्म (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प) जैसी जगहों पर साझा कर एक दूसरे से बात करने का लाइक्स और कमैंट्स का इंतजार करते थे|
उम्मीदें तीसरी लहर में
विशेषज्ञों का मानना है की तीसरी लहर आ सकती है, और अगर मामले फिर से बढ़ते हैं तो लॉकडाउन लगाया जा सकता है। तो इस बार यदि कॉलेज फिर से नहीं खुलते हैं, आप अपने समय का उपयोग अपने ज्ञान का विस्तार करने और अपने कौशल को बढ़ाने में करें और नकारात्मक विचारों और माहौल से बचें|
आप ऑनलाइन क्लास के लिए खुद को कैसे तैयार कर सकते हैं?
नए दोस्त बनाने की कोशिश करें, अपने अध्यापकों को जानने समझने की कोशिश करें, रोज क्लास करें, पढ़ने का टाइम टेबल बनाये, रोज एक्सरसाइज करें, पढ़ने की जगह को साफ सुथरा रखें, डिस्ट्रैक्शन से बचें, मेहनत करें और नयी चीजों को सीख कर खुद को अपडेट करते रहे क्युकी याद रहे यह सिर्फ 'एक वक़्त है और यह वक़्त भी बीत जायेगा' !
रिपोर्ट- महिमा सोनी