लिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि आखिर मारने वाले कौन हैं।
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से पुलिस में हड़कंप मच गया, लेकिन मामले में तब नया मोड़ आया जब मृतक हिस्ट्रीशीटर निकला। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि आखिर मारने वाले कौन हैं। खासतौर पर वह महिला, जो हत्यारों के साथ शामिल थी। दुर्गेश के साथ रहने वाले एक साथी ने बताया कि आज बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक ऑडी व एक स्कॉर्पियो कार में 7-8 लोग सवार होकर घर आए, जिसमें एक महिला पलक ठाकुर भी शामिल थी, जो गोमती नगर विस्तार में रहती है। वारदात के बाद पलक ठाकुर का फरार है। पुलिस का उसके हत्या में शामिल होने का अंदेशा है। गोमतीनगर विस्तार इलाके के उसके घर में भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वहां भी पलक नहीं मिली। इस बीच पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखी पलक-
सीसीटीवी फुटेज में पलक दुर्गेश के घर से बाहर निकलती दिखाई दे रही है। उसके दोनों हाथ में ढेर सारा सामान है। पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ कि मारा गया दुर्गेश यादव प्रॉपर्टी डीलर नहीं बल्कि गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ लूट, रंगदारी, फर्जीवाड़े के 8 मुकदमे गोरखपुर में दर्ज थे। वह लखनऊ में फर्जी प्रॉपर्टी डीलर बनकर रह रहा था। उसके घर से तमाम फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। माना जा रही है महिला अपने हाथों में जो सामान ले जा रही है उनमें उसी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस ने दुर्गेश की हत्या के आरोपी मनीष यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है।
घर से फर्जी दस्तावेज हुए बरामद-
सनसनी फैलाने वाले मामले में जब पुलिस ने जांच की तो वह भी हैरान रह गई। मृतक दुर्गेश के कमरे की तलाशी ली गई तो भारी संख्या में फर्जी मार्कशीट व नौकरियों से जुड़े हुए दस्तावेज मिले। सचिवालय से जुड़े हुए भी कई कागजात और मुहर पुलिस को मौके से प्राप्त हुए। जिस मकान में दुर्गेश रहता था वो सचिवालय के एक समीक्षा अधिकारी का था। कमरे में हर जगह खून बिखरा था। इससे साफ हो रहा था कि दुर्गेश और आरोपियों में मारपीट हुई थी।