Wrestlers Protest: बृजभूषण शरण सिंह के मामले पर अखिलेश यादव और मायावती बोलने से बचते रहे हैं।
Wrestlers Protest: राजधानी दिल्ली में धरना दे रहे पहलवानों के टेंट उखाड़ने और उनको घसीटते हुए हिरासत में लिए जाने के मामले पर यूपी के दो पूर्व सीएम अखिलेश और मायावती ने नाराजगी जताई है। मायावती ने महिला पहलवानों को न्याय के लिए केंद्र सरकार से अपील की है। वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में लोग इनको सबक सिखाएंगे।
अखिलेश यादव बोले- अगले साल सिखाएंगे इनको सबक
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा, ''जब वोट चाहिए था तो बेटी बचाओ का नारा दिया। आज बेटियों को अपमानित कर रहे हैं। वोट की जरूरत नहीं है तो क्यों बेटी बचाएंगे। यही नारी, बेटियां, माताएं, बहने इनको अगले चुनाव में सबक सिखाएंगी।''
मायावती ने कहा- केंद्र आगे आए
बसपा की मुखिया मायावती ने ट्वीट कर लिखा, "विश्व कुश्ती में भारत का नाम रौशन करके गौरवपूर्ण स्थान पाने वाली भारतीय बेटियां कुश्ती फेडरेशन आफ इण्डिया के प्रमुख पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। ये बेटियां आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। इन बेटियों को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार को जरूर आगे आना चाहिए।"
एक महीने से धरना दे रहे थे किसान
पिछले 23 अप्रैल से जंतर मंतर पर महिला पहलवान सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे रही हैं। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार को संसद भवन के सामने पंचायत का ऐलान किया था। जैसे ही पहलवान निकलीं, उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके धरनास्थल से टेंट भी उखाड़ दिए गए।