- आवास विभाग ने जारी किया आदेश, भारी जुर्माना भी लगेगा - अब आवासीय प्लॉट पर नहीं बना सकेंगे दुकान - आवासीय प्लॉट पर दुकान बनवाने वालों की रद्द हो जाएगी रजिस्ट्री - आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक निर्माण पर हाथ से जाएगी जमीन
लखनऊ. आवासीय प्लॉट पर दुकान, कॉम्प्लेक्स, होटल, रेस्टोरेंट या दूसरे व्यावसायिक निर्माण कराने वालों को अब अपनी जमीन से हाथ धोना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के आवास विभाग ने ऐसे भूखंडों की रजिस्ट्री रद्द करने का फैसला किया है। साथ ही ऐसे निर्माणों पर बड़ा जुर्माना भी लगाया जाएगा ताकि प्रदेश में अवैध निर्माण को सख्ती से रोका जा सके। वहीं सरकार के इस इस कदम से विकास प्राधिकरणों की आय में वृद्धि भी होगी।
सरकार ने लिया कड़ा फैसला
दरअसल उत्तर प्रदेश में लोग बड़े पैमाने पर आवासीय मकानों को तोड़कर उसमें कॉम्प्लेक्स और दुकानें बनवा रहे हैं। अकेले राजधानी लखनऊ में ही 25 हजार से ज्यादा अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। 16 सितम्बर को इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें इसको लेकर आवासीय प्लॉट पर दुकान बनाने के खिलाफ यह कड़ा फैसला लिया गया। उत्तर प्रदेश शासन ने 26 सितम्बर को इसका आदेश जारी कर दिया।
जुर्माने की दरें भी होंगी तय
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रभु एन. सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव आवास के दिशा निर्देश मिल गये हैं। नियमावली बनाकर आगे कार्रवाई होगी। जुर्माने की दरें भी तय की जाएंगी। प्रभु एन. सिंह के मुताबिक लोग बड़े पैमाने पर अपने आवासीय मकानों को तोड़कर उसमें कॉम्प्लेक्स और दुकानें बनवा चुके हैं और कई लोग अभी भी बनवा रहे हैं। इन सभी पर नकेल कसने के लिये यह कदम उठाया गया है।