7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

संजय निषाद का बड़ा बयान, विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव, अटकलों पर लगाया विराम

UP panchayat election 2026 delay : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 टलने की संभावना बढ़ गई है। मंत्री संजय निषाद ने कहा- चुनाव अब 2027 विधानसभा चुनाव के बाद होंगे।

2 min read
Google source verification

संजय निषाद ने पंचायत चुनाव को लेकर दिया बड़ा अपडेट, PC- X

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें अब तेज हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने स्पष्ट बयान देकर कहा कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के बाद ही होंगे।

संजय निषाद ने कहा, 'मुझे लगता है कि समय से चुनाव नहीं हो पाएगा। अभी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होनी है और कोर्ट के आदेश का पालन करना होगा। इसलिए पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होना ज्यादा बेहतर और उचित रहेगा।'

यह बयान ऐसे समय आया है जब पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर समय पर चुनाव कराने का दावा कर रहे हैं। राजभर ने कहा था कि 12 जुलाई 2026 तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मतपत्रों की छपाई हो चुकी है और सभी 75 जिलों में भेज दिए गए हैं।

OBC आयोग का गठन नहीं हुआ : सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले समर्पित OBC आयोग गठित किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय होगा। लेकिन अभी तक आयोग का गठन नहीं हो सका है।

जनगणना का असर : राष्ट्रीय जनगणना का पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस) 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो जाती हैं, जिससे नए जिलों या पंचायतों का गठन संभव नहीं रहता।

कोर्ट का सख्त रुख : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से पंचायत चुनाव की तैयारी और समय-सीमा पर जवाब मांगा है। यदि OBC आयोग समय पर रिपोर्ट नहीं देता तो पुराने आरक्षण फॉर्मूले पर चुनाव कराने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ सकती है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी संकेत दिया कि पंचायत चुनाव में समय लग सकता है।

ओम प्रकाश राजभर का दावा

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार समय पर चुनाव कराने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि मतपत्रों की छपाई पूरी हो चुकी है और 12 जुलाई 2026 तक सभी स्तर के पंचायत चुनाव संपन्न कर लिए जाएंगे। लेकिन संजय निषाद का बयान और OBC आयोग-जनगणना की अड़चनें इस दावे पर सवालिया निशान लगा रही हैं।वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चुनाव छह महीने के अंदर कराए जाने चाहिए, लेकिन जटिल प्रक्रियाओं के कारण देरी तय मानी जा रही है।

क्या कहती है वर्तमान स्थिति?

उत्तर प्रदेश में पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चुनाव छह महीने के अंदर कराए जाने चाहिए, लेकिन OBC आरक्षण, ट्रिपल टेस्ट और जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाएं अभी अधर में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तैयारियों को पूरा करना 2026 के मध्य तक मुश्किल लग रहा है।

संजय निषाद का बयान NDA के सहयोगी दलों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ नेता समय पर चुनाव चाहते हैं तो कुछ देरी को स्वीकार करने के पक्ष में दिख रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग