
कब होंगे पंचायत चुनाव, PC- Patrika
UP Panchayat Election 2026 : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा काफी तेज है। लेकिन, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पंचायत चुनाव कब होंगे। जहां एक तरफ यूपी में जनगणना शुरू होने वाली है। दूसरी तरफ अब तक OBC आयोग का गठन नहीं हुआ है। हालांकि, यूपी सरकार में पंचायती राजमंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव संपन्न होने की डेट भी बता दी है। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से पूछा है कि पंचायत चुनाव कब तक होंगे और सरकार की तैयारी क्या है? आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला…।
पूरे देश में 01 अप्रैल से जनगणना शुरू हो रही है। जनगणना के पहले चरण- हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (HLO) की शुरुआत कर दी है। यूपी में जनगणना का यह कार्य 22 मई से 20 जून 2026 के बीच होना तय है। जनगणना शुरू होने के दौरान प्रशासनिक सीमाओं (जैसे जिलों या ब्लॉकों की बाउंड्री) को 'फ्रीज' कर दिया जाता है। चूंकि यूपी में प्रशासनिक इकाइयां 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए फ्रीज की जा चुकी हैं, इसलिए इस दौरान नए जिलों या पंचायतों का गठन नहीं हो सकता। हालांकि, मौजूदा ढांचे पर चुनाव कराने में तकनीकी रूप से कोई संवैधानिक बाधा नहीं है, बशर्ते परिसीमन (Delimitation) की जरूरत न पड़े।
योगी सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हलफनामा दाखिल कर बताया था कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का गठन किया जाएगा। इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सीटों पर आरक्षण तय होगा, जिसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ कर रही थी। दरअसल, हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया था कि वर्तमान आयोग को स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारण का कानूनी अधिकार नहीं है। इसके जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि नया समर्पित आयोग गठित कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। अभी तक OBC आयोग गठन पर कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
यदि आयोग समय पर रिपोर्ट नहीं देता, तो 2021 के पुराने आरक्षण फार्मूले पर चुनाव कराने के लिए सरकार को कोर्ट से विशेष अनुमति लेनी पड़ सकती है।
वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा कि समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? क्या वह संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं।
पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर लगातार कहते आ रहे हैं कि पंचायत चुनाव समय पर ही होंगे। राजभर के अनुसार, मतपत्रों (Ballot Papers) की छपाई पूरी हो चुकी है और उन्हें प्रदेश के सभी 75 जिलों में भेजा जा चुका है। उन्होंने दावा किया है कि सरकार 12 जुलाई 2026 तक हर हाल में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव संपन्न करा लेगी।
जनगणना और ओबीसी आयोग का गठन न हो पाना और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद भी यह कह चुके हैं कि पंचायत चुनाव में समय लग सकता है। राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले लोगों का भी यही कहना है कि तय समय सीमा पर पंचायत चुनाव हो पाना संभव नहीं लग रहा है।
Updated on:
02 Apr 2026 04:31 pm
Published on:
02 Apr 2026 04:30 pm
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