
अमान्य स्कूलों एवं अवैध कोचिंग पर सख्ती। फोटो सोर्सःAI
Strict Action Against Invalid Schools: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बिना मान्यता संचालित विद्यालयों और नियम विरुद्ध चल रही निजी कोचिंग गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
परिषद ने अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुए सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को 18 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
इस अभियान के तहत अमान्य विद्यालयों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परिषद को लगातार मिल रही शिकायतों में सामने आया है कि कई जिलों में बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त विद्यालयों के कुछ शिक्षक निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है।
परिषद ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 समेत लागू प्रावधानों का उल्लंघन बताया है। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि बिना मान्यता विद्यालय संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निजी कोचिंग में संलिप्त पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में पहले से गठित जिला स्तरीय समिति—जिसकी अध्यक्षता डीआईओएस करते हैं और जिसमें बीएसए व बीइओ सदस्य होते हैं—को इस अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति अपने-अपने जिलों में जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
परिषद ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि अभियान पूरा होने के बाद 30 अप्रैल तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में अवैध विद्यालयों की संख्या, की गई कार्रवाई, निजी कोचिंग में संलग्न शिक्षकों का विवरण और उनके खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इस कार्रवाई को प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, अनुशासित और गुणवत्ता आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Published on:
07 Apr 2026 07:17 pm
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