नवविवाहित महिलाओं को योगी सरकार देगी स्मार्टफोन, सरकार सजाएगी मंडप

पहले चरण में 71,400 गरीब लड़कियों की शादी कराई जाएगी। एक साथ पांच से अधिक विवाह होने पर इस समारोह को क्षेत्रीय पंचायत, जिला पंचायत, नगर निगम और नगरपालिका परिषद के स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

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Aug 01, 2017
Yogi Marriage Scheme
लखनऊ।
फ्री की चीज आखिर किसे अच्छी नहीं लगती ? और इस बात को
राजनेताओं से अच्छा कोई नहीं समझ सकता। वर्त्तमान भाजपा सरकार ने सपा सरकार
की स्मार्ट फ़ोन योजना की काट की तौर पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
का खाका खींचा है। सरकार नवविवाहित महिलाओं को स्मार्ट फ़ोन तो देगी ही साथ
ही उनका विवाह भी करवाएगी।


इस योजना का प्रस्ताव समाज कलयाण विभाग
द्वारा तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। योजना के अनुसार पहले चरण में
71,400 गरीब लड़कियों की शादी कराई जाएगी। एक साथ पांच से अधिक विवाह होने
पर इस समारोह को क्षेत्रीय पंचायत, जिला पंचायत, नगर निगम और नगरपालिका
परिषद के स्तर पर आयोजित किया जाएगा। समिति ही टेंट, विवाह संस्कार, पेयजल
आदि की व्यवस्था करेगी।


अखिलेश सरकार की योजना का है काट !

यूपी
के पूर्व सीएम अखिलेश
यादव ने शादी अनुदान योजना का लोकर्पण किया था। उस समय गरीब लड़कियों को
शादी के 10 हजार की मिलने वाली मदद को बढ़ा कर 20 हजार किया था। लेकिन अब
योगी सरकार ने 20 हजार रुपये के अनुदान की जगह 35 हजार रुपये खर्च करने
की योजना बनाई है। 20 हजार कन्या के खाते में, 10 हजार
से कपड़े, बिछिया, पायल, सात बर्तन, एक जोड़ी कपड़े और स्मार्टफोन खरीदा
जाएगा। 5 हजार रुपये पंडाल आदि आदि के लिए अधिकृत निकायों को दिया
जाएगा।

पिछली सरकार ने स्मार्ट फ़ोन का भी किया था वादा
2012
के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी
ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को मुफ्त लैपटॉप और टैबलेट
देने का वायदा किया था। सपा की जीत के पीछे माना जाता है कि इस
घोषणा का बड़ा योगदान था। इससे खासकर युवा वर्ग ने सपा को समर्थन दिया था।
यही दांव एक बार फिर 2017 से पहले सपा ने स्मार्ट फ़ोन देने की बात कह कर
खेला था। हालांकि ये दांव विफल रहा लेकिन भाजपा सरकार ने उस दांव को अपने
पाले में करते हुए प्रभावी बनाने की योजना तैयार कर ली है।

हर वर्ग के लाभार्थियों का ख़याल
योजना के लाभार्थियों में हर वर्ग का ख़याल रखा गया है। योजना में अनसूचित
जाति-जनजाति की 30 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग की 35 प्रतिशत, सामान्य वर्ग की 20 प्रतिशत और
अल्पसंख्यक वर्ग की 15 प्रतिशत भागीदारी होगी।

उपहार देने के लिए देनी होगी सूचना
समारोह में सामान्य व्यक्ति और
संस्थाएं भी आगे आकर उपहार दे सकती हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले इसकी सूचना
देनी होगी। उसके बाद उपहार देने वाले का नाम, संख्या और अनुमानित सूची
बद्ध कर सूचना पटल पर प्रदर्शित भी करना होगा।

Published on:
01 Aug 2017 01:31 pm
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