प्रदेश सरकार अखिलेश सरकार में हुई एक और भर्ती को निरस्त करने जा रही है।
लखनऊ. प्रदेश सरकार अखिलेश सरकार में हुई एक और भर्ती को निरस्त करने जा रही है। सरकार के इस फैसले से 32 हजार लोगों को झटका लग सकता है। पूर्ववर्ती सपा सरकार में शुरू की गई परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में 32 हजार खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का प्रस्ताव है। मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 100 से ज्यादा छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यानुभव शिक्षा, कला शिक्षा और खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा के एक-एक अंशकालिक अनुदेशक की तैनाती का प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत वर्ष 2013-14 के दौरान प्रदेश में 100 से अधिक छात्र संख्या वाले लगभग 13 हजार परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में अनुदेशक तैनात किये गए थे जिनकी मौजूदा संख्या लगभग 30 हजार है। अखिलेश सरकार ने वर्ष 2016 में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित 100 से कम छात्र संख्या वाले 32022 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी अंशकालिक शारीरिक प्रशिक्षक एवं खेलकूद अनुदेशकों की तैनाती का फैसला किया था। इस सिलसिले में सितंबर 2016 में शासनादेश भी जारी हुआ था। शासनादेश के तहत प्रत्येक उच्च प्राथमिक स्कूल में एक अनुदेशक तैनात करने का इरादा था।
संविदा के आधार पर नियुक्त करने का प्रवधान
अनुदेशकों की संविदा के आधार पर अधिकतम 11 महीने के कार्यकाल के लिए नियुक्त करने का प्रावधान था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद योगी सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया था। सूत्रों के मुताबिक शासन में उच्च स्तर पर अनुदेशकों की इस भर्ती को रद करने के बारे में सहमति बन चुकी है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।